पिछले साल 26 हजार डिलीवरी पर 15 महिलाओं की हुई मौत
- फोटो : amar ujala
सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आंवलखेड़ा पर प्रसव के बाद एक दलित प्रसूता को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस चालक ने सौ रुपये की मांग कर दी। रुपये नहीं मिलने पर उसने जाने से मना कर दिया। इस पर प्रसूता का पति साइकिल से ही उसे घर ले गया। बाद में पति ने केन्द्र के अधीक्षक से स्टाफ की मनमानी की शिकायत की।
आंवलखेड़ा निवासी अरुण कुमार वाल्मीकि ने केंद्र अधीक्षक डा. दलवीर सिंह रावत से की शिकायत में कहा कि 26 मई की सुबह साढ़े नौ बजे उन्होंने पत्नी को सीएचसी में भर्ती कराया था। वहां लगभग साढ़े ग्यारह बजे बच्चे के जन्म के बाद स्टाफ नर्स ने तीन सौ रुपये ले लिये। सौ रुपये की बाजार से दवा मंगाई। सौ रुपये सफाई कर्मचारी ने ले लिए। अरुण ने जब इसका विरोध किया तो उनके साथ अभद्रता की गई। कुछ देर बाद प्रसूता की अस्पताल से छुट्टी कर दी गई। इस पर जब एंबुलेंस चालक से घर तक चलने को कहा तो उसने भी सौ रुपये की मांग रख दी। घर चलकर रुपये देने की कहने पर चालक एंबुलेंस को नहीं ले गया। इससे परेशान अरुण अपनी पत्नी को साइकिल पर ही घर ले गया। अरुण ने बताया कि अस्पताल में बिना रुपये के कोई काम नहीं होता है। अक्सर इस तरह की शिकायतें आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। केन्द्र अधीक्षक डा. दलवीर सिंह रावत ने बताया कि शिकायती की जांच कराई जा रही है। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।