बता दें, मथुरा के सपा नेता शैलेंद्र अग्रवाल को करोड़ों रुपये की
धोखाधड़ी के आरोप में ताजगंज पुलिस ने पांच मई को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
उसकी गिरफ्तारी के बाद आगरा के दर्जनों व्यवसायियों ने उसके खिलाफ करोड़ों
रुपये की धोखा धड़ी करने की रिपोर्ट दर्ज की है। उसके खिलाफ अब तक 27
मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। रिपोर्ट दर्ज कराने वालों में कारोबारियों के
अलावा रिटायर्ड पुलिस अधिकारी भी शामिल हैं। शैलेंद्र के परिवारीजनों और
रिश्तेदारों को भी रिपोर्ट में नामजद कराया गया है। इन मामलों की जांच
डीआईजी द्वारा गठित विशेष टीम कर रही है। अभी तक शैलेंद्र के खिलाफ दर्ज
मुकदमों की विवेचना ने रफ्तार नहीं पकड़ी थी। एसएसपी राजेश डी. मोदक ने
बताया कि शैलेंद्र के खिलाफ दर्ज मुकदमों के विवेचकों को निर्देश दिए गए
हैं कि विवेचना पूरी करके जल्द ही चार्जशीट दाखिल करें। अगले सप्ताह तक
चार्जशीट दाखिल होना शुरू हो जाएंगी। उधर, विशेष टीम में अब एसपी क्राइम
प्रेमचंद्र, एएसपी सोमेन वर्मा, कई इंस्पेक्टर और दरोगाओं को शामिल किया
गया है, ताकि जांच में तेजी आए। पुलिस ने बताया कि शैलेंद्र के मोबाइल की
काल डिटेल में उसके लखनऊ में वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से
संबंध होने की बात सामने आई है। लखनऊ के अधिकारियों से संबंधों के बल पर ही
उसने इतने सारे लोगों के साथ धोखाधड़ी की थी। उधर, शैलेंद्र के कंप्यूटर
की हार्ड डिस्क सीबीआई की लैब में भेजी गई थी, जो अभी तक पुलिस के पास नहीं
पहुंची है।