मदिया कटरा स्थित रतन प्रकाशन मंदिर की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड की किताबें बेचने वालों पर एसटीएफ ने शिकंजा कस दिया है। छत्ता पुलिस और लखनऊ की एसटीएफ की टीम ने फव्वारा बाजार से कोलकाता के समीर को गिरफ्तार करके उसके पास से 24 किताब बरामद की हैं। इससे पहले दो लोगों को जेल भेजा जा चुका है। एसटीएफ के सूत्रों ने बताया कि इस मामले में अन्य जिलों में भी गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। अभी तक पांच करोड़ की किताबें पकड़ी जा चुकी हैं।
मदिया कटरा स्थित रतन प्रकाश मंदिर के मालिक प्रेमचंद जैन ने 14 जुलाई को छत्ता थाने में प्रकाशन के नाम से पुस्तकें बेचने के सिलसिले में कापीराइट एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने तब सराहनपुर के वैभव और हरीश को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। उनके पास से सैकड़ों किताबें बरामद हुई थीं। इसके बाद भी किताबों की बिक्री का सिलसिला नहीं थमा। इस मामले से प्रेमचंद जैन ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अवगत कराया। उन्होंने इसकी जांच एसटीएफ को सौंप दी। एसटीएफ तभी से आगरा समेत अन्य जिलों में रतन प्रकाशन ने नाम से किताब बेचने वालों की धरपकड़ में लगी है। गुरुवार को एसटीएफ की टीम ने फव्वारा बाजार से बेक बागान, कोलकाता के कमरे आलम उर्फ समीर को गिरफ्तार किया। उसके पास से इंटर गणित की प्रथम और द्वितीय भाग की 24 किताब बरामद हुईं। इन किताबों के लेखन हरस्वरूप शर्मा हैं। प्रकाशन मंदिर के लोगों ने बताया कि प्रकाशन से 15 फीसदी कमीशन पर दुकानदारों को किताब बेची जाती है, जबकि यह किताबें 30 से 50 फीसदी का कमीशन देकर बेची जाती हैं।