सिकंदरा में 11 जून 2002 को हुए आलमगीर उर्फ छोटे खां हत्याकांड के नामजद आरोपी एवं पुष्पांजलि कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक वीडी अग्रवाल को आखिर जेल जाना ही पड़ा। लगभग 14 साल तक पुलिस की पकड़ में आने से बचते रहे अग्रवाल ने शुक्रवार सुबह 10:30 बजे कोर्ट के सामने समर्पण करते हुए जमानत की अर्जी दी। इसे खारिज करते हुए कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में 16 फरवरी तक के लिए जेल भेज दिया। उनकी जमानत अर्जी पर अगली सुनवाई के लिए नौ फरवरी की तारीख मुकर्रर की गई है।
सिकंदरा में दो पक्षों में भूखंड पर कब्जे के प्रयास में की गई फायरिंग में जगदीशपुरा के खतैना निवासी छोटे खां की जान चली गई थी। पुलिस की ओर से सिकंदरा थाना में दर्ज की गई एफआईआर में वीडी अग्रवाल समेत 13 लोग नामजद किए गए थे। पांच आरोपी उसी समय पकड़ लिए गए थे। आठ तभी से फरार चल रहे थे। बाद में जांच पुलिस से ट्रांसफर होने के बाद सीबीसीआईडी ने सभी 13 के खिलाफ 2006 में चार्जशीट दाखिल कर दी लेकिन आठों आरोपी फरार ही रहे। 16 दिन पहले 21 जनवरी को हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि अगर अगली तारीख (16 फरवरी तक) फरार आरोपी नहीं पकड़े जाते हैं तो डीजीपी और एसएसपी को कोर्ट के सामने पेश होना पड़ेगा।
इसके बाद हरकत में आई सिकंदरा थाना पुलिस ने पांच आरोपी गिरफ्तार कर लिए। वीडी अग्रवाल से पहले दो आरोपियों ने सरेंडर कर दिया। शुक्रवार को वीडी अग्रवाल भी एसीजेएम प्रथम चंद्रमणि त्रिपाठी की कोर्ट में हाजिर हो गए। यहां उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। इसके बाद दोपहर को जिला जज राजीव लोचन मेहरोत्रा की कोर्ट में जमानत अर्जी प्रस्तुत की गई। इस पर सुनवाई के लिए नौ फरवरी की तारीख मुकर्रर की गई है।