सिकंदरा में 11 जून 2002 को हुए आलमगीर उर्फ छोटू खां हत्याकांड के मामले में पांच फरवरी को जेल भेजे गए नामजद आरोपी एवं बिल्डर वीडी अग्रवाल को मंगलवार को कोर्ट से जमानत मिल गई। उनके साथ ही बहादुर सिंह चौहान, सियाराम, प्रताप सिंह, विनोद जादौन, सुरेंद्र सिंह और शेरा पहलवान का भी जमानत प्रार्थना पत्र जिला जज राजीव लोचन मेहरोत्रा ने स्वीकार कर लिया। सभी को एक-एक लाख के दो-दो जमानती और इतनी ही राशि के निजी मुचलकों पर रिहा करने के आदेश किए। जमानतदारों के सत्यापन के बाद सभी की रिहाई होगी।
बता दें, सिकंदरा में दो पक्षों में भूखंड पर कब्जे के प्रयास में की गई फायरिंग में जगदीशपुरा के खतैना निवासी छोटे खां की जान चली गई थी। पुलिस की ओर से थाना सिकंदरा में दर्ज एफआईआर में 13 लोग नामजद किए गए थे। इस मामले में पांच फरवरी को वीडी अग्रवाल कोर्ट में हाजिर हो गए थे। कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया था। मंगलवार को जिला जज ने उन्हें जमानत दे दी।
डीएवी इंटर कालेज प्रबंधक कोर्ट में तलब
एसीजेएम त्रयोदश राजेश कुमार मिश्रा ने थाना ताजगंज क्षेत्र के एक मामले में डीएवी इंटर कालेज प्रबंधक (कुंडौल) रणजीत सिंह आर्य को तलब कर 28 मार्च को कोर्ट में पेश होने के आदेश किए हैं।
शमसाबाद रोड निवासी रंजना राजपूत ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर कहा कि वह उक्त कालेज में 7-8 साल से अध्यापन कार्य कर रही हैं। आरोपी रणजीत सिंह उनके पिता के मित्र हैं। उन्होंने अपने कालेज में रिक्त नियुक्ति के लिए एक लाख रुपये मांगे। रंजना ने उन्हें एक चेक दिया। एक साल बाद भी नियुक्ति नहीं हुई। वे उसे आश्वासन ही देते रहे। 2012 में फाइल इलाहाबाद भिजवाने के नाम पर 50 हजार रुपये और ले लिए। इसके बाद भी 50 हजार और मांगे। इस पर जब उन्होंने रुपये वापस मांगे तो गाली दी और जान से मारने की धमकी दी। पैरवी अधिवक्ता रमाशंकर सिंह राजपूत ने की।
मेरठ के अधिवक्ता भी मिलकर करें संघर्ष
उच्च न्यायालय खंडपीठ स्थापना के लिए अब अधिवक्ता निर्णायक संघर्ष शुरू करने की तैयारी में जुट गए हैं। इस संबंध में निर्णय के लिए मंगलवार को संघर्ष समिति ने बैठक की।
संघर्ष समिति के सचिव अरुण सोलंकी ने कहा कि जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट को लागू करवाने के लिए निर्णायक संघर्ष शुरू किया जाएगा। खंडपीठ आगरा का अधिकार है। मीडिया प्रभारी मनीष सिंह ने कहा कि मेरठ के अधिवक्ताओं को भी जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट का सम्मान करते हुए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में खंडपीठ की स्थापना की बात करनी चाहिए। उन्हें मिलकर संघर्ष करना चाहिए। इसके बाद अधिवक्ताओं ने प्रत्येक अधिवक्ता की सीट पर जाकर समर्थन मांगा। बैठक में करतार सिंह भारतीय, फौरन सिंह तांगर, गजेंद्र शर्मा बाबा, ओमवीर चौहान, शैलेंद्र रावत, मुकेश निम, मृगेश कुलश्रेष्ठ, दीवान सिंह बाबा, शिव मंगल सिंह तोमर, हरि सिंह यादव आदि मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी ने बताया कि समिति का विस्तार जल्द करके सक्रिय अधिवक्ताओं को समायोजित किया जाएगा।