बीएसएफ की पश्चिम बंगाल की खेताबार कुट्टी स्थित सीमा चौकी पर तैनात कांस्टेबल चंद्रपाल (25) दो ऑटोमेटिक बेरेटा नाइन एमएम कार्बाइन के साथ शुक्रवार सुबह गिरफ्तार किया गया। उससे दो मैग्जीन भी बरामद हुई हैं। वह आगरा के सिकंदरा के मुरैंडा गांव का रहने वाला है। आरोप है कि छुट्टी के बहाने घर आते समय इन हथियार को चौकी के शस्त्रागार से चोरी कर लाया था। बीएसएफ से मिले इनपुट पर एटीएस और आगरा पुलिस ने उसे उसके घर के पास से पकड़ा है। वह इन्हें बेचने की फिराक में था लेकिन कीमत अधिक होने के चलते खरीदार नहीं मिला।
चंद्रपाल सिंह के पिता जयपाल सिंह किसान हैं। चंद्रपाल 2012 में कांस्टेबल भर्ती हुआ था। फिलहाल गाड़ी पर ड्राइवर था। 18 फरवरी से एक माह की छुट्टी ली थी। 19 की रात को दो कार्बाइन चोरी हो गईं। चोर ने बिजली का तार काटकर अंधेरा किया। शस्त्रागार की चाभी पहले से बनवा रखी थी।
इससे लॉक खोला और चोरी कर ली। इन्हें लाकर घर पर छिपा दिया। चोरी का केस दिनहटा थाना में दर्ज कराया गया था। दिनहटा थाना पुलिस की जांच में आया कि चंद्रपाल को 19 की शाम तक चौकी के आस-पास ही देखा गया था। इससे उस पर शक हो गया। बीएसएफ के फ्रंटियर के आईजी राकेश अग्रवाल ने इसकी सूचना यूपी एटीएस के आईजी असीम अरुण को दी।
उन्होंने डिप्टी एसपी मनीष सोनकर को हथियार बरामदगी का टास्क दिया। एटीएस और आगरा की सिकंदरा थाना पुलिस ने चंद्रपाल की गतिविधियों पर नजर रखी। उसका मोबाइल सर्विलांस पर लिया। मनीष सोनकर ने बताया कि पुख्ता जानकारी हो जाने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर उसके घर से हथियार बरामद हो गया। उधर, पुलिस सूत्रों ने बताया कि वह इन्हें बेचने की फिराक में था लेकिन दाम अधिक मांग रहा था। इसके चलते खरीदार नहीं मिला। हालांकि उसने पूछताछ में कहा कि वह छुट्टी न मिलने से सिस्टम से नाराज था। इसी गुस्से में चोरी की।
हथियार खरीदारों के संपर्क में था चंद्रपाल
हथियार चोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए बीएसएफ के कांस्टेबल चंद्रपाल की गिरफ्तारी के लिए एटीएस ने पांच दिन उसके गांव मुरैंडा में डेरा डाले रखा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस दौरान जानकारी मिली कि अपराधी उससे मिलने आते हैं। वह उन्हें कार्बाइन दिखाता है। एक की कीमत 10 लाख मांगता है। वे बोली लगाते हैं। पांच लाख तक बोली पहुंच गई थी लेकिन वह ज्यादा चाहता था। इतनी बड़ी रकम का खरीदार मिलने से पहले ही वह धरा गया।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने कुछ ऐसे अपराधी चिह्नित भी कर लिए हैं जो हथियार खरीदने के लिए पहुंचे थे। साक्ष्य न होने की वजह से अभी पकड़ा नहीं है। चंद्रपाल का मोबाइल फोन भी कब्जे में ले लिया है। कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। देखा जाएगा कि छुट्टी के बाद वह लगातार किससे बात करता रहा? इस तरह पुलिस हथियार सौदागरों तक पहुंचने की कोशिश करेगी।
उसने पूछताछ में बताया है कि वह छुट्टी न मिलने के गुस्से में हथियार चोरी कर लाया। यह बात अधिकारियों के गले नहीं उतरी। उन्होंने उससे सवाल किया कि अगर सिर्फ गुस्से की बात थी तो हथियार कहीं फेंकेक्यों नहीं? इतने लंबे समय तक घर पर क्यों रखे? इस पर वह चुप हो गया।
छोटा भाई सेना का सिपाही
रुनकता। चंद्रपाल के पिता जयपाल किसान हैं। करीब 15 बीघा जमीन है। तीन भाइयों में चंद्रपाल सबसे बड़ा है। दूसरे नंबर का लककुश है जो खेती करता है। तीसरे नंबर का सोनू सेना में सिपाही है। चंद्रपाल की शादी हो चुकी है। उसकी एक बेटी है।
हमारा बेटा ऐसा नहीं कर सकता
रुनकता। बेटे की करतूत का पता चलते ही चंद्रपाल का पूरा परिवार रोने लगा। उसके पिता ने पुलिस से हाथ जोड़कर कहा कि पता कर लो, कोई साजिश तो नहीं है, हमारा बेटा ऐसा नहीं कर सकता है। उसकी पत्नी का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
बर्खास्त किया जाएगा चंद्रपाल
आगरा। एटीएस के सूत्रों ने बताया कि बीएसएफ के अधिकारियों को चंद्रपाल की गिरफ्तारी के बारे में बीएसएफ को जानकारी दी गई। बीएसएफ के अधिकारियों का कहना था कि उसे बर्खास्त किया जाएगा।