खेरागढ़ के ग्राम फजीयतपुरा के नंदा का नगला में मकान के बंटवारे के बाद खड़ी की जा रही दीवार में अलमारी बनाने पर दो भाई अपने ही भाई के दुश्मन बन गए। भाई के परिवार पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। परिवारीजनों में ईंट पत्थर चलने लगे। सिर में लाठी लगने से थान सिंह (50) की मौत हो गई। उसके दो बेटे घायल हो गए। सूचना पर पुलिस पहुंच गई। घटना के बाद आरोपी भाई भाग गए।
नंदा का नगला निवासी मानिकचंद के चार बेटे थे। इनमें से सोमदत्त की मौत हो चुकी है। तीन बेटे थान सिंह, विजय और ऊदल परिवार सहित गांव में एक मकान में अलग-अलग रहते हैं। सोमदत्त का परिवार भी इसी मकान में रहता है। मानिकचंद की पत्नी चमेली देवी ने पिछले दिनों तीनों बेटे में मकान का बंटवारा कर दिया था। इस पर थान सिंह गुरुवार दोपहर को अपने हिस्से में दीवार खड़ी कर रहा था। उसने दीवार में ही अलमारी बना दी। इस बात का उसके भाई विजय और ऊदल ने विरोध किया। उनका कहना था कि दीवार दोनों की आधी-आधी है। अलमारी उनके हिस्से में बना ली गई। इस बात पर तीनों भाइयों में गालीगलौज के बाद मारपीट हो गई। उनमें लाठियां चली। विजय के बेटे नरेश और बाबू भी आ गए। थान सिंह के बेटे गंभीर सिंह और रामरज ने बचाव किया। थान सिंह लाठी लगने से गंभीर घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया। गंभीर हालत में उसे जिला अस्पताल लाया गया। जहां उनकी उपचार के दौरान मौत हो गई। घायल नरेश, गंभीर और रामरज को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना के बाद से आरोपी भाई फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। इंस्पेक्टर लेखराज सिंह ने बताया कि विजय और ऊदल से झगड़ा हुआ था। उनकी तलाश की जा रही है।
ग्रामीणों के बचाने पर भी नहीं माने
भाइयों में झगड़ा हुआ तो वह किसी की सुनने को तैयार नहीं थे। शोरशराबा होने पर गांव के लोग पहुंच गए। उन्होंने बीचबचाव कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।