आगरा-फीरोजाबाद सीट से एमएलसी के लिए प्रत्याशी रहे टीपी सिंह के अपहरण के मामले में सिकंदरा पुलिस ने मंगलवार को मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने केनरा बैंक के बाहर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन फुटेज नहीं मिले। इसके साथ ही एटीएम गार्ड सहित सात लोगों से पूछताछ भी की गई है।
बता दें, सोमवार को एमएलसी के लिए नामांकन के अंतिम दिन प्रत्याशी टीपी सिंह ने स्वयं का अपहरण होने की बात कही थी। इस संबंध में थाना सिकंदरा में तहरीर भी दी। इसमें लिखा था कि वह दोपहर दो बजे नामांकन के लिए भतीजे अनंत प्रताप सिंह के साथ कार से निकले थे। तभी घर के मोड़ पर केनरा बैंक के सामने तीन फॉर्च्यूनर, बुलेरो और स्कार्पियो सवारों ने ओवरटेक करके रोक लिया। इससे उनकी कार खंभे से टकरा गई। इसके बाद 8-10 लोगों ने जबरन अपहरण कर अपनी कार में बैठा लिया। आंखों पर पट्टी बांधकर घुमाते रहे। इसके बाद बोले कि अब तू एमएलसी का पर्चा कैसे भरेगा। रिवाल्वर भी कनपटी पर लगा दी। शाम चार बजे कीठम गांव के पास दक्षिणी बाईपास के अंडरपास पर चलती गाड़ी से धक्का देकर भाग गए। एसओ सिकंदरा का कहना है कि तहरीर के आधार पर धारा 364 (अपहरण) और 171 (घ) (नामांकन से वंचित करना) में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं पुलिस ने केनरा बैंक के सीसीटीवी कैमरे के फुटेज देखे, लेकिन उसमें घटना के संबंध में फुटेज नहीं मिले हैं। इसके बाद आसपास काम कर रहे तकरीबन छह से अधिक मजदूरों से भी बात की गई। उन्होंने घटना की जानकारी से इंकार कर दिया। बैंक के गार्ड से भी जानकारी ली गई है।