कमला नगर के बिट्टू का अपहरण राज बनकर रह गया है। वारदात के 13 दिन बाद भी गुत्थी अनसुलझी है। फिरौती के लिए फोन भी नहीं आया है। उसकी तलाश में पुलिस तो हार मानकर बैठ चुकी लेकिन परिवार अभी भी रातदिन एक किए है।
बता दें, बिट्टू का अपहरण पांच जनवरी को हुआ था। घटना के तीसरे दिन एक बच्चे ने दावा किया था कि उसने बदमाशों को बिट्टू का अपहरण कर ले जाते हुए देखा। उसके परिवार के लोगों ने आगरा, फीरोजाबाद, एटा, मैनपुरी, हाथरस, मथुरा के तमाम ढाबों पर जाकर उसकी तलाश की। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और सिनेमा घरों पर उसकी गुमशुदगी के पोस्टर लगवाए। तलाश के लिए फेस बुक पर भी अभियान चलाया लेकिन मायूसी ही मिली। परिवारीजन मंदिर में सत्संग भी करा चुके हैं। अखंड ज्योति भी जल रही है। आसपड़ोस के लोग भी प्रार्थना कर रहे हैं कि बिट्टू सकुशल वापस आ जाए।
तांत्रिकों से भी मिली निराशा
बिट्टू के पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि उसके पिता संजय अग्रवाल कई तांत्रिकों के पास जा चुके हैं। सभी ने कहा कि बच्चा तीन दिन में आ जाएगा, लेकिन इससे कहीं ज्यादा दिन बीतने पर उसका कुछ पता नहीं चला।
उलझी गुत्थी
- एक बच्चे ने दावा किया कि उसने बिट्टू का अपहरण होते हुए देखा, लेकिन अभी तक फिरौती के लिए फोन नहीं आया है।
- उसकी साइकिल गेस्ट हाउस के सामने खड़ी मिली, लेकिन इसके आसपास के सीसीटीवी में वह नजर नहीं आया।
- उसके पापा को फोन पर बताया गया कि वह ताजमहल पर है, लेकिन बाद में पता चला कि फोन बच्चे ने गलती से कर दिया था।
- बिट्टू के तमाम दोस्तों से पूछताछ हो चुकी है लेकिन ऐसा भी कोई संकेत नहीं मिला कि वह खुद घर छोड़कर गया हो।