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करंट से महिला को बचाने में पति और देवर की मौत

Sat, 16 Apr 2016 01:41 AM IST
करंट से महिला को बचाने में पति और देवर की मौत
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करंट से महिला को बचाने  में पति और देवर की मौत - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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ककरौली गांव में शुक्रवार सुबह महेंद्र सिंह के घर में उतरे हाई वोल्टेज करंट की चपेट में आई उनकी पुत्रवधू सीमा को बचाने की कोशिश में उसके पति रामभरत (30) और देवर रानू (23) की मौत हो गई। दर्दनाक हादसा भूसे से भरी ट्रैक्टर-ट्राली मेें लगी बल्ली के हाईटेंशन लाइन से टकरा जाने पर हुआ। यह लाइन महेंद्र सिंह के घर की लाइन पर जाकर गिरी। सीमा उस समय फ्रिज से पानी की बोतल निकाल रही थी। उसे करंट से चिपका देख पहले रामभरत दौड़े और फिर रानू। उनकी वहीं पर मौत हो गई। सीमा गंभीर रूप से झुलसी है। उसे आगरा रेफर किया गया है। इस दर्दनाक हादसे का त्रासद पहलू यह भी है कि रानू की शनिवार को शादी थी। घर में शादी की रस्में चल रही थीं। रिश्तेदार आ चुके थे। गांव के लोग भी बरात में जाने की तैयारी कर रहे थे। हादसे के बाद पूरा गांव गम में डूब गया है।
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उधर, हादसे की वजह पावर कारपोरेशन की लापरवाही मानी जा रही है। दरअसल, करंट फैलते ही फोन से पापरी नागर फीडर पर सूचना दी गई थी। इसके बावजूद विद्युत सप्लाई बंद नहीं की गई। दोनों की मौत हो जाने के काफी देर बाद एसडीओ को फोन करने पर लाइन काटी गई। इस लापरवाही पर गांव वालों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने दोनों शवों को राजाखेड़ा-पिनाहट मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया।
थोड़ी देर बाद विधायक अरिदमन सिंह और प्रशासनिक अधिकारियों के समझाने पर उन्होंने जाम खोल दिया। विधायक ने पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये का मुआवजा, सीमा के उपचार का खर्च, राष्ट्रीय पारिवारिक योजना के तहत तीस-तीस हजार रुपये, घटना की मजिस्ट्रेटी जांच कराने और मुख्यमंत्री राहत कोष से मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया।
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गम में डूबा पूरा गांव, नहीं जले चूल्हे
पिनाहट। ढोलक बज रही है, शगुन के गीत गाये जा रहे हैं, मेहमान आ रहे हैं, पकवान बन रहे हैं, कल (शनिवार) रानू की शादी जो है। बरातियों की लिस्ट बन चुकी है, बस वाले को फोन कर दिया है। सुबह केसात बजे हैं। पूरा घर खुशी से चहक रहा है। लेकिन अगले ही पल खुशी के गीत विलाप में बदल गए। बिजली के तारों में काल बनकर करंट दौड़ा और रानू के साथ उसके भाई रामभरत की भी जान चली गई। भाभी सीमा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं। जिसने भी सुना, सन्न रह गया। गांव के लोग बोले, हे भगवान ये क्या हो गया। हम तो रानू की बरात में जाने की तैयारी कर रहे थे, कैसी अनहोनी हो गई। आज दोनों भाइयों की शवयात्रा में जाना होगा। दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। 
शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद शव गांव लाए जाएंगे। महेंद्र सिंह के छह बच्चों में बेटे रामभरत, रामसेवक, रानू, राजवीर, सोनू और एक पुत्री सत्यवती है। रामभरत और रामसेवक की शादी हो चुकी है। 16 अप्रैल को रानू की बरात बसेड़ी धौलपुर जानी थी।
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