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मेटाडोरों में ठूंसी गईं 30 भैंसों की मौत पर बवाल

Wed, 19 Aug 2015 01:23 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
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कोसीकलां (मथुरा) से अलीगढ़ ले जा रहे चार मेटाडोरों में भैंस और उनके पड्डों को बुरी तरह ठूंसा गया था। मंगलवार की सुबह खंदारी चौराहे पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मेटाडोरों को घेरकर रुकवा लिया। पशुओं का हाल देखकर लोग भड़क गए। उन्होंने मेटाडोर चालकों और पशु तस्करों को दबोच लिया। उन्हें पीटना शुरू कर दिया। गुस्साए लोगों ने पशुओं से भरे वाहनों में भी तोड़फोड़ कर डाली। इससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुुंची। छह पशु तस्करों को भीड़ के चंगुल से पुलिस ने छुड़ाकर कब्जे में ले लिया। गाड़ियों से ठूंसे गए 30 पशुओं की मौत हो चुकी थी, जबकि 25 मरणासन्न हालत में थे। पुलिस ने पशुओं को गौशाला भेजवा दिया। पशु तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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मंगलवार सुबह तकरीबन 11:30 बजे बजरंग दल के पदाधिकारियों को सूचना मिली कि 200 से 250 की संख्या में भैंस और गोवंश कई ट्रक और मेटाडोर में भूसे की तरह भरकर कोसीकलां से आगरा होकर अलीगढ़ की ओर ले जाए जा रहे हैं। सूचना पर पदाधिकारियों ने सिकंदरा में घेराबंदी की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। खंदारी बाईपास के पास बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने चार मेटाडोर पकड़ लिए। भैंस और पड्डों के रस्सी से पैर और मुंह भी बांध रखे थे। इस कारण कई घायल भी हो गए।
वाहनों से खून टपक रहा था। पशुओं के साथ क्रूरता देखकर लोग भड़क गए। उन्होंने मेटाडोर चालकों और पशु तस्करों को दबोच लिया। जबकि उनके अन्य साथी भाग निकले। लोगों ने पकड़े गए पशु तस्करों और चालकों को दौड़ा दौड़ाकर पीटा। सूचना पर न्यू आगरा थाने की फोर्स पहुंच गई और लोगों को समझाकर शांत किया। पुलिस ने मौके से पशु तस्कर मजहर खान, नदीम, शाहिद, इरफान, सलीम और मंसूर को गिरफ्तार कर लिया।
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30 पशुओं की मौत हो गई, जबकि बाकी पशुओं को पट्टे लगाकर लोगों ने उतारकर बाड़े में भेजवाया। बजरंग दल के प्रांत सह संयोजक अज्जू चौहान ने मुकदमा दर्ज कराया है। इंस्पेक्टर ने बताया कि 119 भैंस और पड्डों को मुक्त कराया गया है। इस दौरान बजरंग दल के राजेंद्र गर्ग, धर्मेंद्र असौलिया, देवेंद्र शर्मा, मनीष चौहान, अंकित, सुनील शर्मा, आलोक बंसल, गोविंद पारासर आदि मौजूद रहे। अज्जू चौहान ने बताया कि उन्हें 20 ट्रक में पशुओं को काटने के लिए ले जाने की जानकारी मिली थी। कई ट्रक उनसे बचकर निकल गए।  

राहगीर बने मददगार
ट्रक और मेटाडोर में पड़े पशुओं को उठाने के लिए राहगीर जुट गए। एक कालेज से सबमर्सिबल पंप से पाइप लगाकर पशुओं पर पानी डाला गया। बाद में फायरब्रिगेड ने भी पानी डाला। तब कहीं कई पशु ठीक हो सके। पशुओं को वाहनों को उतारने में भी लोगों ने ही मदद की।

तीन घंटे तक जाम के हालात
पशुओं को उतारने के दौरान हाईवे पर तीन घंटे तक जाम के हालात रहे। सर्विस रोड भी पुलिस ने बंद कर दिया। इस कारण और जाम लग गया। ढाई बजे के बाद ही जाम खुल सका।
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