भारत में अच्छी नौकरी की चाहत में आए बांग्लादेश के चार युवक धोखाधड़ी का शिकार हो गए। आगरा और दिल्ली के एजेंट ने उनके वीजा और पासपोर्ट कब्जे में लेकर आठ लाख रुपयों की मांग की। रुपये देने से मना करने पर उन्हें एक सप्ताह तक बंधक बनाए रखा।
अब एजेंट उनके वीजा और पासपोर्ट लेकर फरार हो गया। पीड़ित युवकों ने पुलिस से गुहार लगाई। थाना ताजगंज में दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
अमन बाजार, जेनव क्लब रोड, फतेहाबाद हत्था जारी चिंता गांग, बांग्लादेश निवासी मेहंदी हसन ने पुलिस को बताया कि उन्होंने एक कंपनी का विज्ञापन देखा था। इसमें भारत में मर्चेंट नेवी सहित अन्य कंपनी में अच्छी नौकरी का आश्वासन दिया गया था। बांग्लादेश के एजेंट मोहम्मद मुर्शीद आलम से उन्होंने संपर्क किया।
उसने शिप कंपनी सेल कंटेनर के दस्तावेज दिए। इस पर सेम थामस के हस्ताक्षर भी थे। मेहंदी हसन सहित उसके तीन मित्र तंजीमुल इसलाम, अराफत मंसूर और मो. रिपप ने आवेदन किया। इस पर उन्हें दिल्ली बुलाया गया। वह फ्लाइट से कोलकाता आ गए। यहां पर एजेंट राजेश नाथन (25, इंद्रापुरम, सदर) मिला। उसने दिल्ली में नौकरी से संबंधित औपचारिकताएं पूरी करने को कहा, लेकिन कोई दस्तावेज नहीं भरवाया। इसके बाद बहाने से 29 मई को आगरा ले आया।
यहां पर लाकर टीडीआई सिटी में मेहंदी हसन और तंजीमुल इसलाम को रोका। वहीं अन्य दोनों को मित्रों को शमसाबाद रोड स्थित बैंक कालोनी में रोका। इसके बाद उनसे प्रति आवेदक दो लाख रुपये की मांग की। इस पर मेहंदी हसन को उस पर शक हो गया। वह बहाना बनाते रहे। इस पर एजेंट ने उनके वीजा, पासपोर्ट और मोबाइल रख लिए।
इसके बाद कमरे में बंद करके चला गया। एजेंट खाना देने आता था। एक सप्ताह तक वह बंधक रहे। बुधवार को वह किसी तरह मुक्त होकर पर्यटन थाना पहुंच गए। यहां से उन्हें थाना ताजगंज भेज दिया गया। इंस्पेक्टर थाना ताजगंज ने बताया कि युवकों की तहरीर पर धोखाधड़ी सहित अन्य धारा में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। बंधक रहने के कारण युवकों का वीजा भी खत्म हो गया है।