सदर के सुल्तानपुरा में मंगलवार रात दो समुदायों के आमने सामने आ जाने के मामले में बजरंग दल कार्यकर्ताओं के खिलाफ बलवा और सेवन क्रिमिनल लॉ एक्ट समेत कई संगीन धाराओं में तीन केस दर्ज किए हैं। इनमें से एक सुल्तानपुरा के मसूद खां ने दर्ज कराया है जबकि दो पुलिस ने अपनी तरफ से लिखे हैं। इनमें 25 लोग नामजद हैं, जबकि सौ से अधिक आरोपी अज्ञात हैं। पुलिस ने नामजद आरोपियों की तलाश में दबिश देना शुरू कर दिया है।
मसूद की ओर से दर्ज केस में 14 आरोपी नामजद हैं। इनमें बंटी ठाकुर, राजीव शर्मा, अनुपम शर्मा, अभिषेक तिवारी, अनूप वर्मा, सागर, राहुल, कर्ण, अमर, कपिल, सिकंदर, राजीव और दीपक अग्रवाल। 10-12 आरोपी अज्ञात में हैं। इस केस में बलवा, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना, अपशब्द कहने की धाराएं लगाई गई हैं।
दूसरा केस कैंट के चौकी प्रभारी जयंत की ओर से लिखा गया है। इसमें 50-60 आरोपी अज्ञात में हैं। इनमें से 13 चिह्नित कर लिए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मसूद की ओर से दर्ज केस के नामजद आरोपी इस मामले में चिह्नित किए गए हैं। इसमें बलवा और अपशब्द करने की धाराएं हैं।
तीसरा केस थाना पुलिस की ओर से है। यह थाने का घेराव किए जाने का है। बता दें, सुल्तानपुरा में बवाल के बाद पुलिस जब बजरंग दल कार्यकर्ताओं को पकड़कर थाना ले आई तो इसके विरोध में हंगामा प्रदर्शन किया गया था। पुलिस ने धारा 144 के उल्लंघन और बलवे की धारा में केस दर्ज किया है। इसमें 11 आरोपी नामजद हैं। इनमें अभिषेक, अनूप वर्मा, बंटी ठाकुर, गोविंद पाराशर, प्रशांत, धीरज, पप्पू तोमर, सागर, राहुल, कर्ण और सिकंदर। इनके अलावा 140-150 आरोपी अज्ञात में हैं।
थाना का घेराव किए जाने के दौरान पुलिस ने वीडियोग्राफी भी कराई थी। इसकी रिकार्डिंग देखकर अज्ञात आरोपियों की पहचान की जा रही है। एसएसपी डा. प्रीतिंदर सिंह का कहना है कि इन मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हम अमन पर आंच नहीं आने देंगे
सुल्तानपुरा के बवाल के बाद यहां रहने वाले दोनों समुदायों के लोगों ने सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल पेश की है। दोनों ने एक सुर में कहा कि हम भाई-भाई की तरह रहते हैं। बाहरी लोग हमारे बीच नफरत की दीवार खड़ी करने के लिए आए थे। उन्होंने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। लेकिन हम बहकावे में आने वाले नहीं है। दिवाकर समाज के लोगों ने सीओ सदर असीम चौधरी को ज्ञापन भी दिया है। इसमें कहा वे लोग बवाल पर उतारू थे। पहले बोले कि आरती करनी है, इसके बाद भड़काऊ भाषण देने लगे और आपत्तिजनक नारे लगाए। उन्हें रोकने की बहुत कोशिश की। मसूद की ओर से दी गई तहरीर में भी दिवाकर समाज के कई लोगों के हस्ताक्षर हैं। 50 वर्षीय सहेंद्र दिवाकर का कहना कि चाहे कुछ भी हो जाए, वह माहौल को बिगड़ने नहीं देंगे। बाकायदा ब्योरा दिया है कि सुल्तानपुरा में दोनों समुदाय के लोग 15 साल से साथ रह रहे हैं। हेमंत दिवाकर का कहना है कि कभी कोई विवाद तक नहीं हुआ। जिन लोगों ने आकर झगड़ा किया, उनमें से एक भी यहां का बाशिंदा नहीं है।