गांव तेजसिंह पुरा में बुधवार की सुबह बीडीसी सदस्य के घर में पंखे से लटका उसके पति और जमीन पर पडे़ मासूम बेटे का खून से लथपथ शव देख घरवाले ही नहीं आसपास के लोग भी दहल गए। पत्नी के प्रेमी के साथ चले जाने से आपा खो बैठे पति ने बेटे को वसूले से सिर और सीना काटकर मार डाला। बाद में खुद फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक के पिता ने पुत्रवधू और उसके प्रेमी को घटना का जिम्मेदार ठहराते हुए बाह थाने में उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पछाय गांव मनीनगर निवासी रामभरोसी की बेटी पिंकी की शादी लगभग आठ साल पहले तेजसिंह पुरा निवासी गौरीशंकर (29) पुत्र आशाराम के साथ हुई थी। पिंकी ने दो पुत्रों हिमांशु (6) और आदित्य (3) को जन्म दिया। हाल ही में हुए चुनाव में पिंकी बीडीसी सदस्य भी चुनी गई। बड़े बेटे हिमांशु के दिल के ऑपरेशन पिछले साल एम्स, दिल्ली में हुआ था।14 मार्च को गौरीशंकर हिमांशु को दिखाने के लिए दिल्ली गए थे। 15 मार्च की सुबह पिंकी का प्रेमी उदयवीर (निवासी नरहौलीपुरा, बाह) आया और पिंकी को ले गया। थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में आशाराम ने कहा कि विरोध करने पर उदयवीर ने उसे और उसके बडे़ बेटे कुुंवर सिंह को भी जान से मारने की धमकी दी।
मंगलवार रात लगभग साढे़ दस बजे गौरीशंकर बच्चे को लेकर घर पर लौटे तो पिंकी नहीं मिली। आशाराम ने उसे घटनाक्रम की जानकारी दी। इससे गुस्से में आकर गौरीशंकर ने घर का दरवाजा बंद कर पहले बसूले से प्रहार कर हिमांशु का कत्ल किया और फिर पंखे से लटक कर खुद जान दे दी। बुधवार सुबह दरवाजा न खुलने पर आशाराम ने कमरे में झांका तो गश खाकर वहीं गिर पड़े। कुछ ही देर में पूरा गांव जुट आया। गौरीशंकर की पत्नी और उसके प्रेमी उदयवीर के खिलाफ धारा 306 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। बाद में घटना की जानकारी पर माता-पिता और छोटे बेटे आदित्य के साथ आई पिंकी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। आदित्य फिलहाल अपनी परदादी के पास है। पिंकी प्रेमी की तलाश जारी है।
पिंकी बोली, ‘अब जीना नहीं चाहती’
बाह। तेजसिंह पुुरा गांव में पति और पुत्र की मौत से पिंकी बुरी तरह टूट गई। अपनी करनी पर पछता रही पिंकी रो-रोकर यही कहे जा रही थी, ‘मैं अब जीना नहीं चाहती।’ उसके माता-पिता भी शर्मिंदा हैं। उन्होंने कहा कि उसने जैसा किया है वैसा भुगतेगी। उन्होंने पिंकी के पक्ष में कानूनी पैरवी करने से भी मना कर दिया है।
मासूम बेटे का कत्ल कर फांसी के फंदे पर लटक जाने की यह घटना जिसने भी सुनी सन्न रह गया। पति और पुत्र को खोने वाली पिंकी के पिता रामभरोसी ने कहा कि उन्होंने आठ साल पहले उसे उसके ससुरालियों के हाथ सौंप दिया था। उन्हें जो ठीक लगे वह करें। मां नीलम ने कहा कि पिंकी पहले ऐसी न थी। ससुराली चाहें तो उसे जेल भिजवा दें या अपने घर में रखें। यदि उसके खिलाफ वे मामला दर्ज कराते हैं तो वे पिंकी की पैरवी भी नहीं करेंगे। गौरीशंकर के पिता ने बताया कि कुछ दिन पहले पिंकी और उदयवीर की हरकतों का विरोध करने पर उदयवीर ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। पांच साल पहले पिंकी की हरकतों से सदमे में आई सास कंठश्री की मौत हो गई थी। इसके बाद भी पिंकी ने ढर्रा नहीं बदला।
पापा-पापा चिल्ला रहा मासूम आदित्य
तीन साल के आदित्य के भविष्य को लेकर चिंतित उसकी परदादी रामश्री सुधबुध खो बैठी हैं। जब भी आदित्य को देखती है तो हूक के साथ बेसुध हो जाती है। आदित्य अपने भाई और पिता की मौत से अनजान है। घर में मची चीख पुकार के बीच आदित्य भी पापा-पापा चिल्लाकर घर हर कमरे में उन्हें ढूढंता फिरता है। उसे समझाने वाले भी अपनी आंसू नहीं रोक पाते।
शोक में बंद रहा स्कूल, गांव में नहीं जले चूल्हे
हिमांशु बाह के एमएस मेमोरियल पब्लिक स्कूल में यूकेजी का छात्र था। उसके शोक में बुधवार को स्कूल बंद रहा। शिक्षकों ने बताया कि हिमांशु पढ़ाई में बहुत होशियार था। गांव के लोग भी सन्न हैं। बुधवार को किसी घर में चूल्हे नहीं जले। पिंकी को सभी कोस रहे हैं। गांववाले चाहते हैं कि उसके प्रेमी को भी कड़ी सजा मिले।