ग्वालियर की रहने वाली गुलप्सा को सिपाही शौहर ने उसे पत्र में तीन तलाक लिखकर भेजा और छोड़ दिया। उसका बेटा भी शौहर के पास ही है और वह अकेली अपना हक पाने के लिए दर-दर की ठोकर खा रही है। सिपाही शौहर के खिलाफ पुलिस महकमें में भी उसकी सुनवाई नहीं हो रही। वह मुख्यमंत्री कार्यालय तक फरियाद लेकर जा चुकी है लेकिन न्याय कहीं से नहीं मिल रहा है।
बुधवार को आगरा में एडीजी आफिस पहुंची होजपुरा, थाना हजीरा, ग्वालियर (एमपी) निवासी गुलप्सा ने बताया कि उसका निकाह 14 सितंबर 2012 को बाह कस्बा के सुगरटी निवासी इसरायल बेग के साथ हुआ था। उसका शौहर सिपाही है और निकाह के समय मैनपुरी में तैनात था। दोनों के एक तीन साल का बेटा भी है।
गुलप्सा का आरोप है कि फरवरी 2016 में ससुराल में देवर ने उसके साथ बदतमीजी की। उसने विरोध किया तो ससुरालवालों ने घर से निकाल दिया। बेटे को भी शौहर ने अपने पास रख लिया। जुलाई 2016 में उसके पास एक पत्र आया जिसमें तलाक तलाक तलाक लिखा हुआ था। पत्र पढ़ते ही गुलप्सा के होश उड़ गए।
उसने मामले की शिकायत तत्कालीन एसएसपी से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर लखनऊ में मुख्यमंत्री आफिस में शिकायत की, लेकिन वहां भी सुनवाई नहीं हुई। पीड़िता अब भटकने को मजबूर है और उसे उसके बेटे भी नहीं मिलने दिया जा रहा है।