जिन छह सटोरियों के घर रविवार को पुलिस अधिकारियों ने छापा मारा, उनमें से एक सुशीला के फ्लैट में ही इंस्पेक्टर एमएम गेट थाना दुष्यंत कुमार सिंह मजे से रह रहे हैं। इसकी जानकारी मिलने पर सोमवार को एसएसपी दिनेश चंद दुबे ने सीओ एलआईयू को जांच सौंप दी। खास बात यह है कि दुष्यंत के पहले से थाना प्रभारी निरीक्षक भी इसी फ्लैट में रहे।
जिन सटोरियों के घर पुलिस पहुंची, उनमें न्यू आगरा के कमला नगर का अंकुश, सिकंदरा के शास्त्रीपुरम का सुनील झाला, ताजगंज का श्याम बोहरा, कोतवाली के चौबेजी फाटक का सोनू उर्फ टमाटर और एमएम गेट का सुशीला शामिल है। इनमें से किसी के घर भी पुलिस को सट्टे के साक्ष्य नहीं मिले थे जबकि भारत-पाक फाइनल मैच पर सट्टा लगाए जाने की सटीक सूचना थी।
सवाल यह उठा कि क्या छापामारी की सूचना पहले से ही लीक कर ली दी गई थी? इसकी छानबीन शुरू हुई तो यह बात सामने आई कि सटोरिए सुशीला के घर पर इंस्पेक्टर एमएम गेट रहते हैं। सुशील का आवास इन्हीं के थाना क्षेत्र में आता है। इसका पता चलने पर एसएसपी की ओर से जांच के आदेश दे दिए गए।
बता दें, पुलिस के साथ सटोरियों की साठगांठ कई बार सामने आ चुकी है। पिछले साल न्यू आगरा थाना पुलिस ने तो सटोरियों को थाना लाकर जमानत दे दी थी जबकि अधिकारियों ने उसे कोर्ट में पेश करने के लिए कहा था। इस पर तत्कालीन इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किया गया था। उसे आज तक चार्ज नहीं दिया गया।
मामले में एसएसपी दिनेश चंद दुबे का कहना है कि इंस्पेक्टर एमएम गेट के सटोरिए के फ्लैट में रहने की जानकारी मिलते ही सीओ एलआईयू को जांच सौंप दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।