आगरा में विद्युत वितरण करने वाली कंपनी टोरंट पावर के चेयरमैन सुधीर मेहता और 18 कर्मचारियों के खिलाफ संगीन धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा। इसके आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कविता मिश्रा ने सोमवार को दिए हैं।
आरोप है कि 19 जुलाई को टोरंट की टीम ने चेकिंग के नाम पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जेपी भदौरिया के परिवारीजनों का आपत्तिजनक वीडियो बनाया था। विरोध करने पर पिटाई कर दी थी।
जेपी भदौरिया के पौत्र सचिन प्रताप भदौरिया ने कोर्ट में धारा 156 (3) के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। उनका आवास नाई की मंडी स्थित गुजराती पाड़ा में है। इसमें कहा गया था कि 19 जुलाई को दोपहर 12:50 बजे टोरंट की टीम चेकिंग के लिए आई थी।
वे लोग जबरन घर में घुस गए और वीडियो बनाने लगे। पूछने पर बोले, हमें चेयरमैन सुधीर मेहता ने निर्देश दिए हैं। इसके बाद अपशब्द बोलने लगे। उन्होंने बाथरूम में स्नान करती महिला का वीडियो भी बनाया।
इनके खिलाफ होगी एफआईआर
डेमो
- फोटो : डेमो पिक
सचिन का कहना है कि उन्होंने पुलिस को फोन करने का प्रयास किया, तो उनसे मोबाइल फोन छीन लिया। सचिन की ओर से पैरवी अधिवक्ता शफीक कुरैशी ने की। उन्होंने बताया कि पुलिस को तहरीर दी गई थी लेकिन केस दर्ज नहीं किया गया। तब जाकर सचिन ने कोर्ट का रुख किया।
केस दर्ज कराने के लिए प्रार्थनापत्र में जो नाम दिए गए हैं, उनमें टोरंट पॉवर के चेयरमैन सुधीर मेहता शामिल हैं। इनके अतिरिक्त कर्मचारियों में प्रभात सिंह, ओमवीर सिंह चौहान, विशाल उपाध्याय, देवी सिंह, नरेश, योगेश, भगवान दास, दिपेन्द्र, शिवपूजन शर्मा, नीरज कुमार, सुरेश पांडे, सनी शामिल हैं। इन पर घर में जबरन घुसने, मारपीट, आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोप हैं।