बासौनी के उदयपुर खालसा गांव के जिला पंचायत सदस्य जयप्रकाश के चचेरे भाई की मंगलवार दोपहर सड़क हादसे में मौत हो गई। शरीर पर चोटों के निशान देख भड़के परिवारीजनों ने हत्या ही आशंका जताते हुए पिनाहट में भदरौली तिराहा पर जाम लगा दिया। कार्रवाई के आश्वासन पर जाम खुल सका। वहीं, चित्राहाट के कोल्हूपुरा गांव में सड़क पार कर रही महिला की बाइक की चपेट में आकर मौत हो गई।
उदयपुर खालसा गांव निवासी जिला पंचायत सदस्य जयप्रकाश के चचेरे भाई वीरेंद्र उर्फ मुखिया (35) पुत्र रामौतार शीतगृह से आलू लेने गए थे। दोपहर के समय उटसाना गांव के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आने से घायल हो गए। परिवारीजन उन्हें सीएचसी पिनाहट ले गए। वहां से आगरा रेफर कर दिया गया। आगरा ले जाते समय अरनौटा के पास वीरेंद्र की मौत हो गई। सिर, नाक, माथे पर चोटों के निशान देख परिवारीजनों ने हत्या की आशंका जताते हुये पिनाहट के भदरौली तिराहा पर शव रख कर जाम लगा दिया। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। बाद में शव सीएचसी बाह में पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। वहीं, सोमवार शाम चित्राहाट के कोल्हूपुरा गांव में सड़क पार कर रही चंद्रावती (45) पत्नी छत्रपाल की बाइक की चपेट में आकर घायल हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस उन्हें सीएचसी बाह ले गई। वहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उधर, घटनास्थल से भाग रहे सिरसागंज के नगलाहरी निवासी शिव सिंह समेत दो युवकों को लोगों ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। वहीं, फतेहपुर सीकरी में किरावली-कागारौल मार्ग पर चैंकोरा गांव के पास बाजार कर बाइक से लौट रहे गांव नारौल निवासी वेदपाल पुत्र खजान सिंह और उनका साथी परमजीत कार की चपेट में आकर घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए आगरा भेजा गया है।
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दीपावली की खुशियां मातम में बदली
बाह/पिनाहट। उदयपुर खालसा में वीरेंद्र की मौत के बाद परिवार में मातम का माहौल है। उनकी पत्नी कुसुमा सुधबुध खो बैठी है। दो पुत्रों और एक पुत्री की परवरिश का सवाल उठाकर ढांढस बंधाने वालों को भी कुसुमा रुला देती है। वीरेंद्र के चचेरे भाई जिला पंचायत सदस्य जयप्रकाश ने बताया कि उसे साजिश के तहत टक्कर मारी गयी है। उन्होंने 108 एंबुलेंस चालक पर भी लापरवाही का आरोप लगाया है। कोल्हूपुरा गांव में चंद्रावती की मौत पर विधवा बहू का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। चंद्रावती के पुत्र पप्पू की दो साल पहले और पति छत्रपाल की 10 साल पहले मौत हो चुकी है। अब खुद उनकी मौत से परिवार में मातम का माहौल है।