ब्लॉक संसाधन केंद्र फतेहाबाद पर सोमवार को दिव्यांग शिक्षक से भत्ता लगवाने के नाम पर रिश्वत लेते एबीआरसी उत्तम सिंह को एंटी करप्सन की टीम ने रंगेहाथ पकड़ लिया। एबीआरसी ने काम के बदले 10,000 रुपये की मांग की थी। टीम ने आरोपी को जेल भेज दिया है।
ब्लॉक के झारपुरा प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत सहायक अध्यापक भूप सिंह को कम सुनाई देता है। दिव्यांगता की श्रेणी में होने के कारण उन्हें 400 रुपये प्रतिमाह भत्ता मिलता है। गत आठ मार्च को बीएसए के आदेश पर उनका भत्ता लगवाने का पत्र खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय फतेहाबाद भेजा गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 31 मार्च को भूप सिंह ने दोबारा पत्र दिया। इस पर ब्लॉक संसाधन केंद्र पर कार्यरत एबीआरसी उत्तम सिंह ने उनसे 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी। यह रुपये दो किश्तों में देना तय हुआ। पहली किश्त भत्ता लगने से पूर्व और दूसरी भत्ता लगने के बाद। भूप सिंह ने छह अप्रैल को इसकी शिकायत एंटी करप्सन विभाग की टीम से की। इस पर विभाग ने उत्तम सिंह की रेकी कराई। शिकायत सच मिलने पर सोमवार को टीम ने पांच हजार रुपये भूप सिंह को दिए। भूप सिंह ने दोपहर लगभग एक बजे ये रुपये उत्तम सिंह को दिए। रुपये लेते ही उत्तम सिंह को टीम ने पकड़ लिया। बाद में सोडियम कार्बोनेट के घोल में हाथ धुलवाने पर घोल का रंग लाल हो गया। टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस दौरान टीम में निरीक्षक भैयालाल, यूसुफ शेख, बहादुुर सिंह, सुनील कुमार, जफरुद्दीन, दीपक सेंगर, मोहम्मद इसरार और डीएम के भेजे गए स्वतंत्र गवाह इंद्र कुमार गुप्ता व प्रमोद कुमार मौजूद रहे।