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कागजों में एक शख्स की दो बार मौत

Mon, 24 Oct 2016 12:32 AM IST
कागजों में एक शख्स की दो बार मौत
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नगर पंचायत कार्यालय में अपना प्रमाण पत्र चेक करवाते अभ्यर्थी।
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दयाल नगर शाहगंज निवासी साहब शरण खुद को जीवित साबित करते-करते चल बसे। उन्हें 2012 में ही कागजों में मृत घोषित कर दिया गया था। दरअसल, उनकी ओर से दर्ज एक केस में आरोपियों ने कोर्ट में उनकी मृत्यु का शपथ पत्र दिया था। इसके बाद उनकी पेंशन रोक की दी गई। वोटर लिस्ट से नाम काट दिया गया। बड़ी मुश्किल से उन्होंने सभी रिकार्ड में खुद को जीवित दर्ज कराया। लेकिन 19 अगस्त को उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। अब उनका परिवार उनकी ओर से दर्ज केस की पैरवी करने में लगा है।
बेटे गजेंद्र ने बताया कि  मामला 2007 का है। उनके पिता को दो साल तक आरोपियों ने बंधक बनाकर रखा। उनकी तमाम प्रापर्टी हड़प ली। उन्हें चोट पहुंचाकर उनकी आंखों की रोशनी छीन ली गई। इसका केस दर्ज कराया गया। इसमें आरोपियों ने कोर्ट में झूठा शपथ पत्र देकर उन्हें मृत बता दिया। यही सूचना जिला निर्वाचन कार्यालय भेज दी गई। वहां वोटर लिस्ट से उनका नाम काट दिया गया। इसी तरह बैंक ने पेंशन बंद कर दी।
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वह सेना से रिटायर्ड हुए थे। अब 22 अगस्त को बीमारी के उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई है। गजेंद्र का कहना है कि वह पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है। पुलिस मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धारा तक तरमीम नहीं कर रही है। पहले फाइनल रिपोर्ट लगा दी। अब एसएसपी के आदेश पर फिर से विवेचना की जा रही है।
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