आगरा। थाना एत्माद्दौला के बराबर में 17 नवंबर की शाम घर के अंदर की गई मासूम कृष्णा गौतम उर्फ क्रिश की हत्या में गिरफ्तार पूर्व किराएदार आयुष शर्मा (24) को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट के सामने पेश किया।
अदालत से उसे जेल भेज दिया गया, उसने पूछताछ में बताया कि उस पर 10 हजार कर्ज हो गया था। लोग अपना पैसा वापस मांग रहे थे। इसके चलते उसने चोरी की योजना बनाई। क्रिश ने उसे देख लिया था। इसलिए पहले उसकी हत्या की। इसके बाद घर में चोरी की कोशिश की। इसमें नाकाम होने पर वहां से भाग गया।
आयुष अब मोती बाग पर रहता है, उसके पिता सुबोध शर्मा की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। दो भाई हैं। एक दुकान पर नौकरी करता है, उसे चार हजार रुपये महीना मिलते हैं। दूसरा प्रिटिंग प्रेस में काम करता है, उसे दो हजार रुपये महीना मिलते हैं। आयुष भी कुछ समय पहले तक एक प्रिटिंग प्रेस में काम करता था। काम छूटने के बाद से परेशान था। उस पर दस हजार रुपये का कर्ज हो गया था।
एसएसपी अमित पाठक ने पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता में हत्याकांड के खुलासे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयुष तीन साल पहले अमर सिंह गौतम (क्रिश के पिता) के मकान में किराए पर रहता था। इसके चलते वह इस परिवार के बारे में जानकारी करता था, उसे जानकारी थी कि शाम को क्रिश की मां नीतू बच्चों को लेकर बाहर जाती है। वह इसी समय चोरी के लिए पहुंचा था, वहां उसे आयुष मिला।
बताया कि इसके बावजूद आयुष ने चोरी का इरादा नहीं छोड़ा। वह ताले काटने के लिए जो आरी लाया था, उससे आयुष का गला काट दिया। इसके बाद अलमारी खोलने के लिए चाबी ढूंढने लगा। चाबी नहीं मिली तो चला गया। आयुष को जाते हुए नीतू और उसकी बेटी यशिका ने देख लिया था। पुलिस ने जब पूछा कि घर में कौन कौन आया था तो उन्होंने आयुष का नाम लिया, उससे पूछताछ हुई तो हत्याकांड का खुलासा हो गया। आयुष अविवाहित है।
घर से मिले खून से सने कपड़े
पुलिस ने आयुष की निशानदेही पर उसके घर से खून से सने कपड़े और जूते बरामद किए है। पुलिस का कहना है कि आयुष की हत्या के समय उसके कपड़े और जूतों पर खून लग गया था। यह काफी अहम साक्ष्य माना जा रहा है।
फिंगर प्रिंट का मिलान कराएगी पुलिस
फील्ड यूनिट ने मौका ए वारदात से फिंगर प्रिंट लिए थे। अब आयुष की उंगली के निशान लिए गए हैं। दोनों को मिलान के लिए फोरेंसिक साइंस लैब भेजा जाएगा। पुलिस का कहना है कि इस केस में यह महत्वपूर्ण साक्ष्य होगा।