थाना कुर्रा क्षेत्र के गांव नगला बरी में रविवार शाम शराब कारोबार की सूचना पर पहुंची पुलिस टीम पर माफिया ने हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में पुलिस संभलने का मौका नहीं मिला। सूचना मिलने के बाद कई थानों का फोर्स मौके पर रवाना हो गया। हमले में दो दरोगा और कांस्टेबल घायल होने की सूचना है।
थाना कुर्रा क्षेत्र के गांव नगला बरी में गैर प्रांत की शराब उतारे जाने की सूचना पर यूपी 100 के पुलिसकर्मी व थाना पुलिस जांच करने पहुंची थी। मगर जैसे ही पुलिस मुखबिर के बताए ठिकाने पर पहुंची। तभी वहां मौजूद शराब माफियाओं ने पुलिस पर हमला बोल दिया।
अचानक हुए इस हमले से पुलिस को संभलने का मौका नहीं मिला। हमलावरों ने पुलिस पर ईंट पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। शराब मािफयाओं ने पुलिस पर फायरिंग भी कर दी। इस बीच सूचना मिलने के बाद कई थानों का फोर्स घटनास्थल के लिए रवाना हो गया। अधिकारी भी गांव में पहुंच गए।
एएसपी ने पुलिस पर हमला किए जाने की बात को स्वीकार करते हुए कड़ी कार्रवाई किए जाने की बात कही है। वहीं हमले में एसआई अभिमन्यु, एसआई दीपक कुमार, सिपाही रवि व तीन अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
थाना करहल और कुर्रा क्षेत्र में लंबे समय से राजनीतिक व पुलिस के संरक्षण में शराब कारोबार चल रहा है। पुलिस ने पूर्व में भी कई कार्रवाई की मगर बाद में मामले रफा दफा किए जाते रहे। क्षेत्र में गैर प्रांत की शराब के कारोबार में कुछ रसूखदार नेताओं व स्थानीय दबंगो की मिली भगत से धंधा जोरों पर चल रहा है।
खासतौर पर चुनाव के दौरान बडे़ पैमाने पर गैर प्रांत की शराब का कारोबार तेजी के साथ शुरू हो जाता है। पुलिस जब कार्रवाई कर कारोबार पर लगाम लगाने का प्रयास करती है। तो शराब माफियाओं को मिला राजनीतिक संरक्षण उनके विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने देता।
जिस वजह से क्षेत्र में शराब माफिया बेखौफ होकर खुलेआम शराब का कारोबार बदस्तूर जारी रखे हुए हैं। कोतवाली क्षेत्र में बीते वर्ष मोहल्ला अग्रवाल स्थित मकानों में करीब एक करोड़ से अधिक की शराब बरामद हुई थी। घरों में शराब बनाने की फैक्ट्री, रेपर, ढक्कन, उपकरण आदि भी बरामद हुए थे। वहीं भोगांव, करहल, थाना कोतवाली क्षेत्र आदि स्थानों पर गिहार कालोनियों में पुलिस के संरक्षण में ही कच्ची शराब का धंधा बदस्तूर जारी है। इस बार त्यौहार से पूर्व भी पुलिस कार्रवाई के नाम पर चुप्पी साधे रही।