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असमंजस में कारोबारी,पैसे मिलेगा या डूबेगा

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फिरोजाबाद। संजीव गुप्ता के मिलने के बाद बीसी एवं कार्ड के कारोबार में फंसे शहर के कई उद्यमी असमंजस में फंस गए हैं। चिंता इस बात की सता रही है कि बीसी एवं कार्ड के खेल में फंसा लाखों रुपया आखिर मिलेगा या डूबेगा। ऐसे कारोबार से जुड़े व्यापारी व उद्यमी घटनाक्रम पर नजर रखने को विवश हैं।
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शनिवार को संजीव गुप्ता के मिलने के बाद उसके परिजनों ने भले ही राहत की श्वांस ली हो, लेकिन उन लोगों की तो बेचैनी और बढ़ गई तो बीसी एवं कार्ड के खेल में उसके साथ शामिल थे। सूत्रों की मानें तो बीसी व कार्ड के खेल में शहर के कई प्रमुख उद्यमी,चिकित्सक व व्यापारी शामिल थे।

इन सभी का लाखों रुपया संजीव के पास ही फंसा हुआ था। हालांकि इनके चेहरों की हवाइयां,संजीव के अपहरण की कहानी के साथ उड़ गई थी। लेकिन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार पांडेय ने अपहरण को संदिग्ध मानते हुए कहा कि अभी जांच चल रही है,यदि घटनाक्रम झूंठा निकला तो संजीव व शामिल लोगों पर शिकंजा कसेगा। इस करोबार से जुड़े लोग मानते हैं कि यदि शिकंजा कसा तो भी पैसा मिलना मुश्किल होगा। यदि बाहर रहा और फिरौती की रकम जाने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया तो भी उनका पैसा डूब जाएगा। सूत्र बताते हैं कि लाखों रुपया फंसाने भी वाले कुछ बोलने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। चिंता उनको इस बात की है कि कहीं उनकी गर्दन नहीं फंस जाए।क्योंकि बीसी एवं कार्ड का खेल ही अवैध है,चिंता यही कि कहीं संजीव ने ही राज खोल दिया तो फिर उन्हीं पर शिकंजा नहीं कस जाए।
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सूदखोरों,बीसी संचालकों पर कसेगा शिकंजा-एसएसपी
फिरोजाबाद(ब्यूरो)। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय कुमार पांडेय ने संजीव के बीसी के कारोबार से जुड़े होने,करोड़ों रुपया फंसने,शहर में बीसी, कार्ड एवं सिक्का का कारोबार तेजी से पनपने पर कहा कि सूदखोरी के मामलों की जांच को एसपी सिटी के नेतृत्व में टीम गठित है वह कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बीसी संचालकों के साथ सूदखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आवास पर कोई मिलने नहीं पहुंचा
फिरोजाबाद। संजीव गुप्ता के आवास पर शुक्रवार शाम सात बजे तक आने-जाने वालों का तांता लगा था। शनिवार को संजीव गुप्ता के घर पहुंचने के बाद भी कोई मिलने नहीं पहुंचा। आर्चिट ग्रीन कालोनी से भी कोई मिलने नहीं पहुंचे। लोगों फिलहाल दूरे बनाए रहे।
दवाब बनाने में एक सपा नेता का नाम सुर्खियों में
फिरोजाबाद। संजीव गुप्ता पर बीसी का करोड़ो रुपया लोगों का है। शहर के एक युवा उद्योगपति का भी पैसा है। यह उद्योगपति विभव नगर में रहते हैं। सपा के एक युवा नेता के मित्र हैं। संजीव गुप्ता से फंसा हुआ पैसा निकालने के लिए उन्होंने सपा नेता की मदद ली। बताते हैं कि संजीव के लापता होने से पहले कई बार सपा नेता संजीव पर दहशत भरा दवाब भी बना चुके थे। उधर अब इस बात की भी चर्चा है कि जिन कारोबारियों का पैसा संजीव पर फंसा है उनमें से कुछ संजीव पर एफआईआर भी करा सकते हैं।
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