फिरोजाबाद। अरांव क्षेत्र के एक हजार दुग्ध उत्पादक किसानों के करीब 55 लाख रुपये भुगतान किए बिना होली जॉय प्रोडेक्ट प्रा.लिमिटेड नाम की कंपनी लापता हो गई। सचिवों का कमीशन और ट्रांसपोर्टरों के भुगतान तक अटक गया। शुक्रवार को कंपनी से प्रभावित दुग्ध उत्पादक किसान एकत्रित होकर जिला मुख्यालय पहुंचे और डीएम नेहा शर्मा को ज्ञापन देकर कंपनी से भुगतान कराने की मांग की।
अरांव क्षेत्र के दुग्ध उत्पादक किसानों ने ने डीएम नेहा शर्मा को ज्ञापन सौंपकर बताया कि अरांव में होली जॉय प्रोडेक्ट प्रा.लिमिटेड ने दूध संग्रह केंद्र स्थापित किया था। इससे एक हजार किसानों के साथ करीब सौ सचिव जुड़े थे। पशुपालकों और किसानों से दूध को लाने वाले सचिव को साइकिल, चांदी के सिक्के उपहार में देने की ऑफर दिया।
केंद्र पर जसराना, मुस्तफाबाद और पाढ़म, करहल, बरनाहाल, कोसमा तक से दूध आना शुरू हो गया था। आरोप है कि 20 मार्च 2017 तक सभी कुछ ठीक चला। 21 मार्च से 12 अप्रैल तक लिए दूध का भुगतान पशुपालकों को नहीं किया गया। 12 अप्रैल को कंपनी के प्रतिनिधि सिरसागंज चिलिंग प्लांट से सामान समेटकर फरार हो गए। प्लांट का संचालन सुमित मित्तल, अमित, हरीमोहन गुप्ता, अनिल शर्मा, एसके गोयल, कृष्णमोहन यादव और उमेश कर रहे थे। दुग्ध उत्पादकों का 55 लाख, सौ सचिवों का कमीशन, ट्रांसपोर्ट और पेट्रोल पंपों का भुगतान अटका हुआ है।
उन्होंने बताया कि फतेहाबाद, टूंडला, बाह, इटावा सेंटरों का लाखों रुपया बकाया है। डीएम ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया। ज्ञापन देने वालों में मुकुट सिंह बघेल, नीरज, टीकाराम, अरविंद, नवल किशोर, राम कुमार, शीलेंद्र, राजेंद्र, सत्यपाल सिंह, गंभीर सिंह, शादीलाल, रजनीश, शादीलाल, विपिन कुमार, यतेंद्र कुमार, सनोज, कुलदीप, रेनू यादव, संदीप, संतोष कुमार आदि शामिल थे।