सौ करोड़ रुपये की तेल चोरी के मामले में फंसे मनोज गोयल के पांच पेट्रोल पंपों पर सोमवार को आगरा विकास प्राधिकरण की सील लगा दी। तीन पेट्रोल पंपों के मानचित्र स्वीकृत नहीं थे और दो पंपों के मानचित्रों की पत्रावली एडीए से गायब करा दी गई थी। विकास प्राधिकरण ने नोटिस जारी किया था लेकिन कोई जवाब न मिलने पर प्रवर्तन टीम ने पेट्रोल पंपों को सील कर दिया है।
गौरतलब है कि तेल चोरी प्रकरण का खुलासा होने के बाद मनोज गोयल के पेट्रोल पंपों की संबंधित विभागों में ने प्रारंभ कर दी थी। आगरा विकास प्राधिकरण ने भी पेट्रोल पंपों को मानचित्रों को खंगाल शुरू कर दिया था। जांच में पता चला कि छलेसर, नुनिहाई और मदिया कटरा (तोता का ताल) पेट्रोल पंप का मानचित्र ही स्वीकृत नहीं कराया गया है। मघटई और गांधी नगर (बाईपास) के पेट्रोल पंपों के विषय में मनोज गोयल के पैरोकारों को कहना था कि इन दोनों पंपों का मानचित्र स्वीकृत है लेकिन हैरत की बात है कि दोनों पंपों की पत्रावली एडीए में नहीं मिली। इस पर एडीए ने नोटिस जारी किया था। नोटिस की अवधि पूरी पर होने पर सोमवार को उप सचिव सुनीता यादव और उप सचिव जगदीश यादव की टीम ने मनोज गोयल के छलेसर, नुनिहाई, मदिया कटरा, मघटई और गांधी नगर के पेट्रोल पंप को सील कर दिया। एडीए वीसी अजय यादव ने बताया कि मनोज गोयल को नोटिस जारी किया गया था लेकिन उनकी ओर से कोई साक्ष्य प्रस्तुत न करने पर पंप सील किए गए हैं।
मदिया कटरा में पंप बनने के बाद भू उपयोग परिवर्तन की थी कोशिश
हैरत की बात है कि आम आदमी दो कमरे का मकान भी बनाए तो एडीए के अधिकारी रोकने पहुंच जाते हैं लेकिन तेल माफिया मनोज गोयल के पांच पंप बिना किसी स्वीकृत मानचित्र के चल रहे थे। उससे भी आश्चर्यजनक बात है कि मदिया कटरा (तोता का ताल) में मनोज गोयल ने पंप बना लिया और पंप चालू भी गया और उसके बाद भू उपयोग परिवर्तन का प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में रखा गया था। हालांकि कमिश्नर ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। जब एडीए के अफसरों की गर्दन फंसने लगी तो उन्होंने नोटिस जारी किया। लेकिन इससे पता चलता है कि मनोज गोयल की एडीए में कितनी गहरी जड़ें थीं। जिन दो पंपों की मानचित्र पत्रावली एडीए से गायब बताई जा रही है उसके संबंध में सचिव ने कहा कि यदि मानचित्र स्वीकृत हुआ तो मनोज गोयल उनके साक्ष्य प्रस्तुत करे तो सील खोल दी जाएगी।
मनोज के चार दोस्तों पर शिकंजा कसने की तैयारी
आगरा। मथुरा रिफाइनरी से की गई 100 करोड़ की तेल चोरी में जेल गए तेल माफिया मनोज गोयल के चार दोस्तों पर पुलिस ने शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। इनके बारे में जानकारी मिली है कि ये मनोज से चोरी का तेल खरीदते थे। इन्होंने चोरी के तेल को बाजार भाव से एक से दो रुपये लीटर तक सस्ता बेचा है। मनोज की रिमांड मिलने पर उससे इनके बारे में पूछताछ की जाएगी। उसने कई टैंकर किराए पर भी ले रखे थे। इनके बारे में भी जांच की जा रही है।
इनमें से एक दोस्त आगरा का है, एक फिरोजाबाद का और दो मथुरा के हैं। जांच की मानीटरिंग आईजी आफिस से की जा रही है। पुलिस सूत्रों का तो यहां तक कहना है कि मनोज से आधे रेट पर तेल लेकर उसके दोस्त आगे भी बेचते थे। वे लोग भी एक रुपये सस्ता तेल बेच रहे थे। इस पर शक इसलिए नहीं हुआ क्योंकि आगरा में हरियाणा से टैक्स चोरी कर बड़ी मात्रा में तेल लाया जाता है। यह सस्ता बेचा जाता है। लेकिन तेल चोरी की जांच के दौरान पता चला कि मामला कुछ और है। मनोज गोयल के पेट्रोल पंपों से मिले दस्तावेज में भी उसके दोस्तों के साथ उसके लेन देन की जानकारी मिली है। उससे पूछताछ में ये दस्तावेज उसके सामने रखे जाएंगे।
काले तेल का भी खुलेगा तेल
आगरा। मनोज गोयल का रिमांड मिलने पर उससे सिर्फ तेल चोरी के बारे में पूछताछ नहीं की जाएगी। इसकी पुलिस को जानकारी मिली है कि मथुरा रिफाइनरी से तारकोल की भी चोरी की जा रही है। यह टैंकरों से चोरी किया जाता है। इसके बाद इसमें कुछ केमिकल और डीजल मिलाकर काला तेल तैयार कर लिया जाता है। यह दिखने में तारकोल जैसा ही होता है लेकिन गुणवत्ता में दस फीसदी भी नहीं होता। इसमें मथुरा के मनोज नाम के ही एक शख्स का नाम भी आया है।