आगरा के रेस्तरां में तोड़फोड़ और पुलिस की पिटाई के आरोप में जेल गए एसएन मेडिकल कॉलेज के 15 जूनियर डॉक्टरों को मंगलवार को जमानत मिल गई। रात आठ से नौ बजे के बीच उन्हें जिला जेल से रिहा कर दिया गया। ये जूनियर डॉक्टर लगभग 50 घंटे जेल में रहे।
इन्हें 15 सिंतबर की रात करीब सात बजे जेल भेजा गया था। मंगलवार को इनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई सीजेएम सर्वजीत कुमार सिंह की कोर्ट में हुई। रेस्तरां के मालिक की ओर से भी कोर्ट में वकील खड़ा किया गया। दोनों पक्षों के वकीलों की बहस सुनने केबाद सीजेएम ने आरोपियों को 20-20 हजार रुपये के दो -दो जमानती और इतनी ही राशि के निजी मुचलकों पर रिहा करने का आदेश दिया। उधर जमानत स्वीकार होती ही जूनियर डॉक्टरों के परिजनों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इससे पहले ये लोग भारी तनाव में नजर आ रहे थे।
सीजेएम ने जमानत के आदेश में लिखा है कि आरोपी मेडिकल के छात्र हैं, केस डायरी के साथ संलग्न मेडिकल परीक्षण रिपोर्ट में कुछ लोगों को साधारण चोटें तथा कुछ को केवल दर्द की शिकायत है। समस्त परिस्थितियों को देखते हुए जमानत देने का आधार है।
ये हैं आरोपी जूनियर डॉक्टर
जैतूल (राजवल, बिजनौर), सचिन ( मुजफ्फरनगर), सुदांशू (चांदपुर, बिजनौर), सुनील (मरपत गेट, इलाहाबाद), कुलकेश कुमार (बसंतपुर, संभल), कृष्णकांत (फिरोजाबाद), आयुष कुमार और तुषार (मोतीकटरा, आगरा), अभीजीत, प्रत्यूष मिश्रा, अमित गौड़, श्यामेंद्र पाठक, राहुल गुप्ता (दिल्ली), पवन कुमार, वरुन।
यह था पूरा मामला :
15 सितंबर को एक जूनियर डॉक्टर का जन्मदिन था। उसने पार्टी दी थी। वह और उसके साथी देहली गेट स्थित अशोका बार एंड रेस्टोरेंट पहुंचे थे। वहां रात 11:30 बजे चिकन और शराब के पैग का ऑर्डर दिया। वेटर ने बार के बंद होने के समय का हवाला देकर ऑर्डर लेने से मना कर दिया। इस पर पहले वेटर को पीटा, फिर रेस्तरां में तोड़फोड़ की, दरोगा और सिपाही पहुंचे तो उन्हें भी पीटा और वर्दी फाड़ दी।
कुछ यूं चली कोर्ट में बहस
जमानत पर सुनवाई दोपहर 12:30 बजे शुरू हुई। आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अचल शर्मा, दुर्गविजय सिंह भैया, संजय कप्तान, दीपक शर्मा ने कहा कि आरोपी निर्दोष हैं, वे तो होटल में अपने साथी के जन्मदिन के लिए बुकिंग कराने के लिए गए थे, लेकिन पैसों को लेकर कुछ विवाद हुआ। इसमें दो जूनियर डॉक्टरों को भी चोटें आई हैं। इस पर वादी पक्ष के अधिवक्ता प्रवीन श्रीवास्तव ने जवाब देने के लिए समय मांगा। दो बजे सुनवाई का समय दिया गया।
दो बजे प्रवीन श्रीवास्तव ने कहा कि जूनियर डॉक्टरों के द्वारा आए दिन मारपीट की घटनाएं हॉस्पिटल एवं बाहर की जाती हैं। अब भी मेडिकल कार्य ठप कर प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। आरोपियों ने होटल में घुसकर तोड़फोड़ की तथा शराब को लेकर बवाल काटा, मौकेपर आए पुलिसकर्मियों के साथ भी मारपीट की। इस दौरान कोर्ट में काफी अधिवक्ता मौजूद रहे।