50 मिनट फायरिंग पर भी नहीं दर्ज की एफआईआर
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डौकी थाना पुलिस पर डकैतों को बचाने का संगीन आरोप लगा है। मामला गांव गढ़ी हसिया के हरी सिंह के घर 21 मई की रात को डकैतों के आने का है। डकैतों ने 50 मिनट तक फायरिंग की थी। गांव वालों के आने पर भाग निकले थे। थाना पुलिस भी पहुंच गई थी लेकिन न तो एफआईआर दर्ज की और न ही डकैतों की तलाश करना जरूरी समझा। मामला सोमवार को डीआईजी अजय मोहन शर्मा के पास पहुंचा तो उन्होंने एफआईआर दर्ज करने के साथ ही थाना पुलिस के खिलाफ जांच के आदेश दे दिए। इसके बाद आननफानन केस दर्ज कर लिया गया है।
हरी सिंह ने डीआईजी को बताया कि आठ-दस बदमाश उसके घर घुस आए थे। उन्होंने कमरों के दरवाजे नहीं खोले। इस पर डकैतों ने पहले धमकी दी। इसके बाद अंधाधुंध फायरिंग कर दी। करीब 50 मिनट तक गोलियां चलाई गईं। कंट्रोल रूम को 100 नंबर पर सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची। उस समय डकैत भाग चुके थे। वहां कारतूसों के खोखे पड़े थे। पुलिस ने कह दिया कि कार्रवाई की जाएगी लेकिन 22 मई की रात तक केस दर्ज नहीं किया। तब हरी सिंह डीआईजी के पास पहुंचे।
तहरीर आएगी, तब लिखेंगे केस
आगरा। पुलिस सूत्रों ने बताया कि इस मामले में अधिकारियों ने डौकी थाना प्रभारी से फोन पर जवाब तलब किया। रिपोर्ट दर्ज न करने के सवाल पर एसपी ईस्ट से उनका कहना था कि अभी तहरीर नहीं आई है, तो केस कैसे दर्ज कर सकते हैं।
केस दर्ज करा दिया गया है। एसपी ईस्ट को जांच दी गई है। अगर पुलिस का दोष सामने आता है तो कार्रवाई की जाएगी।
डा. प्रीतिंदर सिंह, एसएसपी