टूंडला। पेशकार मजिस्ट्रेट बनकर फर्जी आदेश पारित करता रहा। मामले की कलई खुली तो फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया। जांच में आरोप सही पाये जाने पर तत्कालीन एसडीएम ने मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दे दी।
प्रतापगढ़ के एसडीएम सदर सत्यप्रकाश सिंह का आरोप है कि सात अगस्त 2015 से 31 दिसंबर 2015 तक एसडीएम टूंडला के पद पर तैनात रहे। उनके साथ पेशकार के रूप में गुफरान अहमद की तैनाती थी। गुफरान अहमद ने खेती की जमीन को आबादी घोषित कराने को लेकर एसडीएम मजिस्ट्रेट के न्यायालय में चल रहे करीब एक दर्जन मुकदमों में उनके फर्जी हस्ताक्षर कर आदेश जारी कर दिए। जानकारी होने पर 18 जुलाई 2016 को पूरे मामले की लिखित शिकायत तत्कालीन डीएम से की गई थी।
जांच नगर मजिस्ट्रेट को सौंपी गई थी। जांच में बयान दर्ज कराने जब वह गुरुवार को नगर मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे तो जांच अधिकारी ने 10 हस्ताक्षरों की प्रतियां उपलब्ध कराने को कहा। जब वह राजस्व अभिलेखागार गए तो वहां कई और अन्य ऐसे मामले सामने आए जिनमें गुफरान अहमद ने उनके फर्जी हस्ताक्षर कर आदेश पारित कर दिए थे।
मुकदमा दर्ज कराने को एसडीएम ने टूंडला कोतवाली में गुफरान अहमद के नाम तहरीर दी है। तहरीर मिल गई है। मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है।
संजय वर्मा, सीओ
पक्षकार राममूर्ति, रामपाल सिंह, शाहबुद्दीन, दिनेश चन्द्र, देवेन्द्र कुमार, नरेन्द्र सिंह, खेमचन्द्र, लीलावती, भगवंत दयाल, रामकिशन, विनोद चंद्र प्रति सरकार के मामले में पेशकार ने फर्जी हस्ताक्षर कर आदेश थमा दिए।