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संतों का अल्टीमेटम 24 घंटे में गिरफ्तार हो जहर देने वाला

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बैठक करते संत - फोटो : अमर उजाला
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वृंदावन। वृंदावन के वराह घाट स्थित वराह आद्य पीठ के महंत रामप्रवेशदास महाराज सहित 12 साधुओं के भोजन में विषाक्त पदार्थ मिलाने और जेवरात, नकदी चोरी करने की घटना से संत समाज में रोष है। संतों ने 21 जून की इस घटना के खुलासे और आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस को 24 घंटे का समय दिया है। हालांकि सीओ सदर ने 7 दिन का समय संतों से मांगा है।
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मामले में पीठ के महंत की तहरीर पर आगरा के कागारौल निवासी भरत शर्मा के खिलाफ जहरखुरानी और 20 लाख के जेवरात, नकदी की चोरी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। इधर जहरखुरानी का शिकार चार संतों की हालत गंभीर बनी हुई है। वो रामकृष्ण मिशन के आईसीयू में हैं।


शुक्रवार को वराह पीठ में चर्तु: संप्रदाय विरक्त वैष्णव परिषद की बैठक में मलूक पीठाधीश्वर महंत राजेंद्र दास महाराज ने कहा कि घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। संतों को अपनी सुरक्षा स्वयं भी करनी होगी। आश्रम में किसी भी अपरिचित को न रखा जाए। उन्होंने आश्रमों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी अपील की। महंत फूलडोल बिहारीदास महाराज ने कहा कि पूर्व में भी संतों पर हमले होते रहे हैं। पुलिस प्रशासन संतों की सुरक्षा के लिए कोई नीति बनाए।
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सीओ सदर अजय कुमार ने कहा कि पुलिस जल्द ही अभियान चलाकर आश्रम और मठों में रहने वालों की सूची बनाएगी। आरोपी की पहचान कर ली गई है। पुलिस टीम उसको पकड़ने के लिए आगरा भेजी गई है। जल्द ही आरोपी पकड़ में होगा। हमने संतों से 7 दिन का समय मांगा है।


महंत सुतिक्ष्णदास महाराज, महंत रामप्रवेशदास, महंत प्रह्लाद दास महाराज, रामदास त्यागी, महंत लाड़लीशरण दास, महंत सच्चिदानंद दास, महंत मोहन दास, परमेश्वरदास, महंत अलवेलीशरण, महामंडलेश्वर नवलगिरी महाराज, महंत वृंदावनदास, महंत गंगादास, रामसेवक दास, अवध विहारी दास, ब्रजगोपाल दास, महंत प्रेमदास, रामबिहारी दास, निम्बार्क शरणदास, अंबिका दास, महंत लालदास, विहिप के जिलाध्यक्ष बच्चू सिंह, पेाप सिंह, बाबा बलरामदास, महंत राधिकादास, नोबराबाद के प्रधान मुकेश सारस्वत, मुकेश गौतम, वासुदेव शरण, बाबा गोपालदास, रामचरण दास, सुखदेव दास, अयोध्यादास, रसिक माधवदास, गोपशकृष्ण दास उपस्थित रहे।


साजिश संतों को मारने की थी
घटना के पीछे व्यापक साजिश की बात भी कही जा रही है। महंत रामप्रवेशदास महाराज के अनुसार उन्होंने तो बहुत कम मात्रा में केवल दाल का सेवन किया था लेकिन फिर भी उनकी तबियत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए।


महंत के शिष्य गांव जौनाई निवासी पप्पू ने बताया कि पिछले दिनों महंत ने डेढ़ करोड़ रुपये में वराह घाट पर जमीन बेची थी। उन्होंने दो करोड़ रुपये में गांव जौनाई पांच बीघा जमीन भी खरीदी थी। उन्होंने आशंका जताई कि इस लेनदेन से असामाजिक तत्वों को आश्रम में बड़ी रकम होने का अंदाजा हो गया होगा। साजिश संतों को मारने की थी।
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