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पहले दिन शुरू ही नहीं हो पाई शिवम की मौत मामले की जांच

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आगरा। मासूम शिवम की मौत मामले में गठित की गई जांच कमेटी ने पहले दिन जांच शुरू ही नहीं की। एफआईआर की कॉपी तक नहीं देखी। वजह बताई जा रही है कि जांच का आदेश ही देर शाम को मिला । हैरानी की बात यह है कि डीएम दफ्तर से आदेश मंगलवार शाम को जारी किया गया था। मतलब यह है कि इसे नगर निगम तक पहुंचने में 24 घंटे लग गए। यह देरी इसलिए चौंका रही है क्योंकि जांच डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के निर्देश पर कराई जा रही है। इसके बावजूद इसे इतने हलके में लिया जा रहा है।
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फतेहाबाद रोड स्थित होटल डीलक्स इन के सामने खुले पड़े मैनहोल में गिरकर आठ साल के शिवम की मौत 15 अगस्त की सुबह हुई थी। एफआईआर होटल मालिक के खिलाफ दर्ज कराई गई लेकिन पुलिस ने जांच में उन्हें क्लीन चिट दे दी। पुलिस की जांच में नगर निगम को दोषी पाया गया लेकिन इसे नगर निगम के अफसरों ने मानने से साफ इंकार कर दिया।

मामला डिप्टी सीएम तक पहुंचा तो घटना के सातवें दिन 22 अगस्त को जांच कमेटी गठित की गई। इसे जांच देने के लिए सात दिन का समय दिया गया। इसमें अपर नगर आयुक्त विजय कुमार , सिटी मजिस्ट्रेट दिलीप कुमार और जलकल महाप्रबंधक संजीव रामचंद्रन रखे गए हैं। इन्हें बताना है कि हादसे के लिए नगर निगम या जलकल में से कौन जिम्मेदार है? जिस महकमे की गलती है, उसमें मैनहोल खुला होने के लिए किस अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी है। विजय कुमार ने बताया कि जांच का आदेश बुधवार की देर शाम प्राप्त हुआ है। इसके चलते जांच गुरुवार को शुरू हो पाएगी।
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जिन महकमों पर आरोप, उनके अफसर ही करेंगे जांच
इस प्रकरण में एक और चौंकाने वाली बात यह है कि हादसे के लिए नगर निगम और जलकल विभाग को जिम्मेदार बताया जा रहा है। जांच कमेटी में दोनों के अधिकारी रखे गए हैं। इसके पीछे तर्क यह दिया गया है कि इन महकमों के अफसर ही यह बता सकते हैं कि हादसे के लिए कौन अधिकारी या कर्मचारी जिम्मेदार है? उघर, पुलिस अफसरों का कहना है कि कमेटी की जांच में जो दोषी पाया जाएगा, उसी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
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