फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिला होम्योपैथिक अधिकारी को पीटा, लूटपाट

विज्ञापन
विज्ञापन
मैनपुरी। सीएमओ कार्यालय परिसर स्थित जिला होम्योपैथ चिकित्सालय में गुरुवार दोपहर को नामजद आरोपियों ने होम्योपैथ अधिकारी को लाठी-डंडा और सरिया से मारपीट कर घायल कर दिया। आरोप है कि सोने की चेन और नकदी लूटने के बाद उन्हें कमरे में बंद कर दिया गया। आरोपी स्कार्पियो व बाइक से आए थे। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंच गई। पीड़ित ने थाने में तहरीर दी है।
विज्ञापन


जिला होम्यापैथिक कार्यालय में तैनात होम्योपैथ अधिकारी शैलेंद्र प्रताप सिंह गुरुवार को चिकित्सालय पहुंचे। पीड़ित ने दी तहरीर मे बताया कि इस दौरान वहां मौजूद विभाग के कर्मचारियों ने गाली गलौज शुरू कर दी। साथ ही लाठी-डंडा और सरिया से उनकी पिटाई शुरू कर दी।

आरोप है कि इस दौरान हमलावरों ने सोने की चेन, नकदी आदि भी लूट ली। इस दौरान हथियारों से लैस होकर आए आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देने के साथ ही कार्यालय में तोड़फोड़ की। इसके बाद शैलेंद्र को कमरे में बंद करने के बाद स्कार्पियो और बाइक में बैठकर चले गए।
विज्ञापन


सूचना मिलने के बाद कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। वहां चिकित्सक ने विभाग में कार्यरत नामजद कर्मचारियों के विरुद्ध मारपीट, लूट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी देने की बात कही। पीड़ित ने थाने पहुंचकर तहरीर दी। इस पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

जिला होम्योपैथ चिकित्सालय में अधिकारी के साथ हुई मारपीट के मामले विभाग में तैनात महिला कर्मचारी और एक कर्मचारी की पत्नी ने भी अधिकारी के विरुद्ध तहरीर दी है। थाना भोगांव क्षेत्र निवासी महिला कर्मचारी ने कहा है कि वह मृतक पति के आश्रित के रूप में होम्योपैथ चिकित्सालय में कार्यरत है।

प्रभारी अधिकारी ने नवंबर का वेतन रोक रखा है लेकिन वेतन रोकने का कारण नहीं बताया। कोई नोटिस भी नहीं दिया गया। वह अल्प वेतन भोगी है और परिवार का बमुश्किल भरण पोषण कर रही है।

गुरुवार को जब वेतन देने की बात कही तो अधिकारी ने गाली गलौज करते हुए धक्का देकर बाहर निकाल दिया। उसके कपडे़ भी फाड़ दिए। अधिकारी ने अश्वलील हरकतें भी कीं। विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।

वहीं, थाना भोगांव क्षेत्र के एक गांव निवासी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की पत्नी ने भी थाने में तहरीर दी है। इसमें कहा है कि पति विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। अधिकारी ने पति का नौ माह का वेतन रोक रखा है।

गुरुवार को जब वह अधिकारी से मिलने कार्यालय गई तो उन्हाेंने जातिसूचक गालियां देते हुए सहयोगी की मदद से धक्का मारकर बाहर निकाल दिया। कहा कि वेतन नहीं मिलेगा और पति को भी बर्खास्त करा देंगे। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

जिला होम्योपैथ अधिकारी ने गुरुवार शाम को कार्यालय पर प्रेसवार्ता की। कहा कि उन पर लगाए जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। पूर्व में ही उन्हें फोन पर धमकियां दी जा रहीं हैं। जिसकी एनसीआर भी उन्होंने थाने में दर्ज कराई थी। एक साजिश के तहत कर्मचारी उन्हें फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें