मथुरा। पटना- कोटा एक्सप्रेस के टायलेट में दुराचार की शिकार हुए बिहार के भभुआ निवासी 13 साल की किशोरी के बुधवार को एडिशनल सिविल जज तृतीय रेनू राजपूत की कोर्ट में 164 के बयान दर्ज हुए। मां से विवाद होने पर किशोरी वृंदावन निवासी मौसी के पास आने के लिए तीन दिन पूर्व पटना से ट्रेन में सवार हुई थी। मथुरा पहंची जीआरपी पटना की टीम ने भी किशोरी से पूछताछ की।
मंगलवार रात को पटना से जीआरपी की टीम उपनिरीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में मथुरा जंक्शन पहुंची। इसमें एक दरोगा, महिला दरोगा और महिला सिपाही ने किशोरी से पूरी घटना की जानकारी जुटाई।
जीआरपी मथुरा ने जीआरपी पटना की मदद से किशोरी के माता-पिता से बातकर उनको मथुरा आने को कहा। जीआरपी मथुरा के प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि किशोरी के पिता ने पत्नी की तबियत खराब होने के कारण कुछ दिन बाद मथुरा आने की बात कही है।
बालिका के कोर्ट में बयान दर्ज होने के बाद उसे वृंदावन स्थित कनकधारा फाउंडेशन की अध्यक्ष लक्ष्मी गौतम के सुपुर्द कर दिया। जीआरपी मथुरा ने आरोपी युवक का स्कैच तैयार कराकर जीआरपी पटना व आगरा को भेजा है।