फतेहपुर सीकरी में प्रतिबंधित क्षेत्र हजरत सलीम चिश्ती की दरगाह परिसर में अवैध दुकानदारों और एसआईएस सुरक्षाकर्मियों के बीच कहासुनी हो गई। इस दौरान दुकानदारों ने सुरक्षाकर्मियों को पीटा। हादसे के बाद से दरगाह परिसर में भगदड़ मच गई। पुलिस ने आठ दुकानदारों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
बुधवार को एसआईएस सुरक्षाकर्मी पवन, संदीप, अजीत सिंह व दिनेश कुमार डयूटी पर दरगाह परिसर पहुंचे। सुरक्षाकर्मियों को देखकर अवैध फड़ लगाने वाले कुछ लोग भागने लगे। इसी दौरान सुरक्षा कर्मियों ने अन्य दुकानदारों से सामान बटोरने के लिए कहा। तभी अवैध फड़ लगाने वाले दुकानदारों व सुरक्षा कर्मचारियों के बीच आपस में कहासुनी हो गई।
आरोप है कि दरगाह में दुकान लगाने वालों ने एक राय होकर सुरक्षा कर्मियों के साथ मारपीट कर दी। सुरक्षा कर्मियों ने जब्त की चादर की तीन गठरियों को थाना परिसर में जमा कराया गया है। स्मारक उपमंडल के संरक्षक सहायक कलंदर बिन्द की तहरीर पर शकील, कल्लू, आसिफ, पप्पू, लाला, समीर, राशिद व कासिम समेत आठ दुकानदारों के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट लंबित रिट संख्या 653/96 की सुनवाई में विश्व धरोहर की सुरक्षा, संरक्षा और रखरखाव के लिए खंडपीठ निर्देश देती रही है। वर्ष 2004 में दिए निर्देश के अनुपालन में चिश्ती की दरगाह परिसर तथा दरगाह से 100 मीटर क्षेत्र को व्यावसायिक गतिविधियों के लिए प्रतिबंधित किया गया है। समीप की दुकानों में ताले व सील लगी हुई है। इसके बावजूद हजरत चिश्ती की दरगाह परिसर में सुप्रीम कोर्ट की अनदेखी कर जगह- जगह बाजार सजाकर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित रहती हैं।
प्रतिबंधित क्षेत्र में रोजाना चेकिंग के निर्देश
सुप्रीम कोर्ट की खंडपीठ ने प्रतिबंधित क्षेत्र में एएसआई व पुलिस के नामित अधिकारियों को प्रतिदिन पर्यवेक्षण के निर्देश दिए गए हैं। आदेश का अनुपालन नहीं होने पर नामित अधिकारियों को दंडित किऐ जाने का भी आदेश दिया गया है। इसके बाबजूद नामित अधिकारी उदासीन बने रहते हैं और चिश्ती की दरगाह समेत प्रतिबंधित क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां प्रतिदिन देखी जा सकती है।