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180 करोड़ की सरकारी जमीन के कर दिए बैनामे 

Wed, 01 Mar 2017 01:00 AM IST
180 करोड़ की सरकारी जमीन के कर दिए बैनामे 
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स्टांप ड्यूटी
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भूमाफियाओं ने रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ मिलकर सरकार की बेशकीमती जमीन बेच डाली। आगरा से लेकर सैफई तक के तमाम प्रतिष्ठित लोगों के नाम बैनामा, इकरारनामा व मुख्यत्यारेआम कर दिए। जब ‘खेल’ खुला तो अधिकारियों के होश उड़ गए। अब जिलाधिकारी गौरव दयाल ने इसके क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी है। जमीन की कीमत 180 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है।
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मामला सदर तहसील के कमला नगर के पास स्थित घटवासन की करोड़ों की जमीन का है। यहां खसरा नंबर 317 की 14 हजार वर्गमीटर से अधिक शासकीय जमीन है। भूमाफियाओं ने इसी जमीन का सौदा कर दिया। 1360 फसली यानी वर्ष 1952 के राजस्व अभिलेखों के मुताबिक पूर्व में यह जमीन बेहड़ में दर्ज थी। नगर निगम बनने के बाद आठ जुलाई 1982 के गजट में इसे नगर निगम की शासकीय जमीन में शामिल कर लिया गया। भूमाफियाओं ने रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से अलग-अलग व्यक्तियों के द्वारा कृषि भूमि दर्शाकर इसके बैनामा, इकरारनामा व मुख्यत्यारेआम कर दिए। जब यह बैनामा तहसील के रिकार्ड में चढ़ने आए तो अधिकारियों की आंखें फटी रह गईं। उन्होंने अपना रिकार्ड खंगाला तो जमीन नगर निगम के नाम चढ़ी थी, इस पर इन फर्जी बैनामों को अपने रिकार्ड में नहीं चढ़ाया। बल्कि नगर निगम को जमीन पर कब्जे की सूचना के साथ ही जिलाधिकारी को पुराने अभिलेखों के साथ पूरी रिपोर्ट सौंपी। डीएम ने दस जनवरी 2017 को आदेश जारी कर जमीन के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी। सोमवार को उन्होंने नगर आयुक्त को भूमाफियाओं से जमीन बचाने के लिए हाईकोर्ट में रिट दायर करने के लिए निर्देशित किया है। 

डीआईजी स्टांप ने जांच दबाई
निबंधन (रजिस्ट्री) विभाग का ‘खेल’ उजागर होने पर डीएम ने दस जनवरी को ही डीआईजी स्टांप को पत्र लिखकर इस ‘खेल’ में अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता जताई थी। इसके लिए उन्होंने डीआईजी स्टांप से दस्तावेजों की जांच कर दोषियों के खिलाफ 25 जनवरी तक आख्या मांगी थी। मगर, डीआईजी स्टांप ने पूरी जांच दबा दी। अब तक एक भी कर्मचारी की जांच प्रस्तुत नहीं की गई है।
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नगर निगम अब तक साधे रहा चुप्पी
शासकीय जमीन को ठिकाने लगाने के ‘खेल’ में नगर निगम की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, एसडीएम सदर ने पूर्व में कई बार नगर निगम को जमीन पर कब्जे के संबंध में पत्र लिखे। जमीन को ठिकाने लगाए जाने की भी जानकारी दी। इसके बावजूद निगम अधिकारियों ने इसे बचाने के लिए पैरवी नहीं की। 

घटवासन की खसरा नंबर 317 की शासकीय जमीन का कुछ लोगों द्वारा सौदा किए जाने का मामला संज्ञान में आया है। इस पर रोक लगा दी है। जमीन बचाने के लिए नगर आयुक्त को हाईकोर्ट जाने के लिए कहा गया है। वहीं, इसे पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।
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- गौरव दयाल, जिलाधिकारी
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