फिरोजाबाद/शिकोहाबाद। एक्सप्रेस वे पर हुए हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत के बाद पुलिस लापरवाही का परिचय देती नजर आई। इसी बात को लेकर ग्रामीणों में पुलिस के प्रति आक्रोश भड़का था। प्रत्यक्षदर्शियों की माने तो सूचना पर पीआरबी मौके पर पहुंची थी। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही पुलिस पांच मिनट रुकने के साथ ही कार के अंदर फंसे घायलों की मदद न करते हुए वहां से चली गई।
फिर से ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। तो करीब आधा घंटे बाद एक सिपाही मौके पर पहुंचा। उसने भी घायलों को न तो उपचार के लिए पहुंचाने का प्रयास किया और न ही अधिकारियों को सूचना दी। जब सिपाही वहां से चल दिया। तो लोगों में आक्रोश भड़क गया। उन्होंने लखनऊ आगरा एक्सप्रेस वे पर जाम लगाने के साथ ही सिपाही को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई।
तब तक काफी संख्या में आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए थे। पुलिस ने आते ही ग्रामीणों पर लाठियां फटकारना शुरु कर दिया था। इसको लेकर ग्रामीणों ने पथराव शुरु कर दिया। पथराव होते ही पुलिस मौके से भाग खड़ी हुई। वहीं एक्सप्रेस वे पर दौड़ रहे वाहन भी यथास्थान पर रुक गए। इसके बाद स्थिति को नियंत्रण में करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज के साथ आसू गैस के गोले भी दागने पड़े। तब कहीं जाकर पुलिस एक्सप्रेस वे को खाली कराने में सफल रही।