मैनपुरी। सात साल पहले किशोरी से दुष्कर्म के मामले में एफटीसी प्रथम कोर्ट के जज ने चार साल की सजा सुनाई है। आरोपी पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। बाद में पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर जेल भेजा है।
थाना करहल के एक गांव की रहने वाली नौ साल की लड़की मां के साथ चार सितंबर 2010 की सायं खेत पर जानवरों के लिए घास लेने गई थी। देर शाम वह घर जा रही थी तभी रास्ते में एक खेत के पास पहले से मौजूद सुखदेव ने उसे पकड़ लिया और दुष्कर्म करने की कोशिश की। बालिका के शोर मचाने पर पीछे आ रही उसकी मां तथा खेतों में काम कर रहे लोग पहुंच गए तो आरोपी धमकी देते हुए भाग गया। किशोरी की मां ने चार सितंबर की रात थाना करहल में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर किशोरी का मेडिकल कराकर उसके कोर्ट में बयान कराए। आरोपी ने कोर्ट में हाजिर होकर जमानत करा ली। जांच के दौरान गवाही के आधार पर पुलिस ने उसको दोषी पाकर चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मामले की सुनवाई एफटीसी जज प्रथम आनंद कुमार सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, गवाह, पीड़िता ने सुखदेव के खिलाफ गवाही दी। एफटीसी जज ने गवाही के आधार पर सुखदेव को दुष्कर्म का प्रयास करने का दोषी पाया। सहायक शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार पंकज ने आरोपी को कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज ने सुखदेव को चार साल की सजा सुनाई है।