थाने में जानकारी देते परिवारीजन व अन्य।
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वृंदावन। कैलाश नगर निवासी वेदपाठी सगे दो भाइयों के अपहरण के मामले में नया मोड़ आ गया है। शुक्र वार को उनके परिजन पलवल पहुंचकर खोजबीन की। आशंका जताई जा रही है कि वह हरियाणा में संचालित किडनी रैकेट में फंसे हैं।
शुक्रवार को शीलवाली कुंज में धर्माचार्यों की बैठक में पं. विष्णुकांत शास्त्री ने कहा कि लापता रवि मिश्रा व नागेश मिश्रा के बारे में गुरुवार जानकारी मिली थी कि वह पलवल के गांव बामनी खेड़ा में हैं।
दिनेश शर्मा, गोविंद मिश्रा व राजीव शुक्ला उनको तलाश करने वहां पहुंचे तो लोगाें ने बताया कि संभावना है कि लापता दोनों भाई किडनी रैकेट संचालक डा. सुरेंद्र के गिरोह के हाथ लग गए हैं। शुक्रवार को पीड़ित परिवार ने थाना कोतवाली में पुलिस को इसकी जानकारी दी। दोनों भाइयों की बरामदगी की गुहार लगाई।
आरोपी डाक्टर कोतवाली पहुंचे
वेदपाठी सगे दो भाइयों के अपहरण में आरोपी ओमैक्स इंटरसिटी कालोनी निवासी डा. अन्नू शुक्रवार को कोतवाली वृंदावन पहुंची। डा. अन्नू ने खुद को निर्दोष बताया है।
वहीं रवि व नागेश मिश्रा के बड़े भाई दिनेश को शक है कि पलवल के बामनी खेड़ा क्षेत्र में पूर्व में किडनी रैकेट खुलासे में मुख्य आरोपी डा. सुरेंद्र व डॉ. अन्नू के तार आपस में जुड़े हो सकते हैं। कोतवाली के एसएसआई ने कहा कि पुलिस अभी जांच कर रही है। जांच के बाद सब सामने आ जाएगा।