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बच्चे के उपचार को पहुंची महिला के साथ ईएमओ ने की अभद्रता

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बच्चे का उपचार कराने पहुंची महिला ने ईएमओ पर लगाया अभद्रता का आरोप
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इसके बाद ड्यूटी छोड़कर कमरे पर चले गए ईएमओ, महिला ने कोतवाली में दी तहरीर
अमर उजाला ब्यूरो
मैनपुरी। जिला अस्पताल में अपने बच्चे को गंभीर हालत में लेकर पहुंची महिला ने डॉक्टर पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। महिला ने अपने साथ की गई मारपीट को लेकर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने तहरीर मिलने के साथ ही जांच शुरू कर दी है।
बुधवार की सुबह करीब 10:30 बजे इमरजेंसी में एक महिला और ईएमओ के बीच नोकझोंक हो गई। कुछ लोग मौके पर पहुंचे तो ईएमओ की ड्यूटी छोड़कर डॉक्टर चले गए। इमरजेंसी में पहुंची नगला नया निवासी पातीराम की पत्नी शारदा देवी ने पुलिस को तहरीर देते हुए आरोप लगाया है कि वह अपने पुत्र सिद्धार्थ के चोट लगने पर उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंची थी। यहां तैनात डॉक्टर ने उसे दो नंबर रूम में ले जाने के लिए कह दिया। जबकि बच्चे की हालत गंभीर थी। दो नंबर में तैनात डॉक्टर ने कहा कि बच्चे की हालत गंभीर है उसे पहले इमरजेंसी में भर्ती कराओ। जब वह वापस इमरजेंसी पहुंची तो ईएमओ की ड्यूटी कर रहे डॉक्टर ने उसके साथ अभद्रता की। उसे धक्का मारकर बाहर निकाला और उसके तमाचा जड़ दिया, और ड्यूटी छोड़कर कमरे पर चले गए।
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आखिर क्यों नहीं भेजी गई डॉक्टर को कॉल
अस्पताल के नियमानुसार जब कोई मरीज गंभीर होता है तो ईएमओ का यह कर्तव्य है कि वह उसे भर्ती करे और प्राथमिक उपचार दे। जब बच्चा सिद्धार्थ की हालत गंभीर थी जिसकी पुष्टि दो नंबर रूम में तैनात डॉ. गौरव पारिक ने उसे भर्ती कराने के आदेश के साथ की। ऐसे में शासनादेश के तहत ईएमओ को उसे भर्ती कर लेना चाहिए था और डॉ. गौरव पारिक के पास मरीज न भेजकर कॉल भेजनी थी। कहीं न कहीं ईएमओ से गलती जरूर हुई है। जिसे स्वास्थ्य विभाग स्वीकार नहीं कर रहा है।

बच्चे के सिर और पैर में चोट थी। प्राथमिक उपचार के बाद महिला को सलाह दी गई थी कि वह दो नंबर में सर्जन को दिखा ले। महिला मेरे साथ अभद्रता करने लगी। ऐसा लगा कि महिला के साथ आए लोग हमला कर सकते हैं। ऐसे में प्रभारी सीएमएस को जानकारी देने के बाद मैं अपने कमरे पर चला आया।
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डॉ. गौरांग गुप्ता, स्किन रोग विशेषज्ञ

बच्चे को तैनात ईएमओ डॉ. गौरांग गुप्ता ने प्राथमिक उपचार दिया था। सर्जन को दिखाने के लिए कहा गया था। सर्जन ने भर्ती कराने की सलाह दी थी, लेकिन इसी बीच महिला डॉक्टर से उलझ गई। इसके बाद डॉ. गौरांग इमरजेंसी से चले गए। मरीज को पूरा इलाज देने के साथ ही उसकी चोटों का निरीक्षण भी कराया गया है। ईएमओ की ड्यूटी पर डॉ. धर्मेंद्र कुमार और डॉ. राजेश यादव को तैनात किया गया है।
डॉ. आरके सिंह, प्रभारी सीएमएस
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