मैनपुरी। शहरी आवासों में घूसखोरी के बाद अब ग्रामीण आवासों में भी वसूली का खेल चल निकला है। जांच में एक शिकायत सही पाएने के बाद ग्राम प्रधान व एक अन्य पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोप है कि प्रधान ने योजना की धनराशि किस्तों में ली है। वहीं, एफआईआर होने के बाद विभाग में खलबली मच गई है।
ग्राम पंचायत टिंडौली में हसमुद्दीन व जावेद ने ग्राम प्रधान विजय करन यादव व मोहम्मद अली पर प्रधानमंत्री आवास की धनराशि में से 64 हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। शिकायती पत्र में उन्होंने कहा था कि उनसे ये धनराशि 20 हजार व 44 हजार रुपये की किस्तों में लिए गए। इस पर खंड विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत अधिकारी प्रदीप चौहान को जांच सौंपी थी। जांच में आरोप सही पाए गए।
इसके बाद खंड विकास अधिकारी प्रमोद कुमार चतुर्वेदी ने थाना दन्नाहार में ग्राम प्रधान विजय करन यादव व मोहम्मद अली के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई है। मामला दर्ज होने के बाद पूरे विभाग में खलबली मच गई है। जांच के दौरान और भी घोटाले सामने आ सकते हैं। वहीं सूत्रों के अनुसार विभाग ने सभी ग्राम पंचायतों में आवासों की जांच कराने के लिए भी तैयारी कर ली है। ये जांच गोपनीय तरीके से कराई जाएगी। अगर कहीं भी गड़बड़ी मिलती है तो विभाग कार्रवाई करेगा।
जिला नगरीय विकास अभिकरण में आवासों के नाम पर घूसखोरी का मामला सामने आया था। इसमें लाभार्थी से रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल होने के बाद जांच शुरू हुई थी। जांच में अपर जिलाधिकारी ने डूडा के तीन कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर 11 लोगों पर एफआईआर भी दर्ज कराई थी। इसकी अभी जांच चल रही है।
विकास खंड किशनी की ग्राम पंचायत रठेह के ग्रामीणों ने भी अभी कुछ दिन पहले ग्राम प्रधान पर प्रधानमंत्री आवासों में धांधली का आरोप लगाया था। इसमें जहां कुछ ग्रामीणों ने अपात्रों को आवास आवंटित करने को लेकर तहसील में प्रदर्शन किया था, तो वहीं कुछ ने नाम बदलकर दूसरे व्यक्ति को धनराशि देने का आरोप लगाया था। इस मामले में खंड विकास अधिकारी द्वारा रिकवरी के आदेश भी किए जा चुके हैं।