नगला चेतराम के बालक मंजीत का कर दिया अंतिम संस्कार
सिरसागंज। चार अक्तूबर को जब नगला बाग में बालक का शव गुलशन के रूप में पहुंचा तो वहां चीख पुकार मच गई थी। गुलशन के मामा का आरोप था कि उसके पिता और सौतेली मां ने हत्या कर दी है। लेकिन गुलशन के जीवित होने की खबर से पुलिस और गुलशन के परिवारीजनों के सामने सबसे सवाल था कि उन्होंने गुलशन की जगह किसके शव का अंतिम संस्कार कर दिया। पुलिस के जहन में 28 सितंबर को नगला चेतराम का बालक गायब होने की जानकारी थी। नगला चेतराम निवासी फौजदार ने बताया कि उनके सात वर्षीय पुत्र मंजीत की तबियत 28 सितंबर को स्कूल से लौटने के बाद अचानक खराब हो गई थीघ्। इलाज के लिए वे आमौर में एक प्राईवेट चिकित्सक के पास पहुंचे लेकिन वहां मंजीत की हालत और खराब होने पर शिकोहाबाद ले जाते समय उसकी मौत हो गयी। मंजीत की मौत के बाद परिजनों ने उसका शव का जल प्रवाह आमौर नहर में कर दिया। शनिवार की शाम जब मंजीत के परिवारीजनों को बलरई में मिला शव दिखाया गया तो उन्होंने स्कूल की ड्रेस देखकर शव की पहचान कर ली।