फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एक बार फिर पूरी तैयारी कर दिया वारदात को अंजाम

विज्ञापन
मैनपुरी में सराफ की हत्या - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
मैनपुरी। एक बार फिर बदमाशों ने पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम दिया। वारदात के तरीके से पता चलता है कि बदमाशों को न केवल सराफा व्यापारी के आने जाने की पूरी जानकारी थी, बल्कि उन्हें क्षेत्र की गलियों के बारे में भी पता था। यही कारण है कि वारदात के बाद वे बड़े आराम से गलियों से होकर भाग निकले। तमाम प्रयासों के बाद भी पुलिस देर रात तक सुराग भी नहीं लगा सकी। उधर, जिला अस्पताल में भड़के लोगों की पुलिस से हाथापाई तक हो गई। परिवारीजनों के मुताबिक बदमाश 20 लाख के आभूषण व नकदी लूटकर ले गए हैं। बताते हैं कि मृतक के पिता गिरिजा शंकर पूर्व सभासद रहे हैं।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि बेवर में भी सराफा व्यापारी सर्वेश पाल के संग भी ठीक इसी प्रकार वारदात को अंजाम दिया गया था। वह भी पैदल घर जा रहे थे और बदमाशों को उनके आने जाने के साथ ही क्षेत्र की तंग गलियों की पूरी जानकारी थी। ठीक इसी प्रकार इस बार भी सराफा की हत्या और लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। इस बार भी बदमाशों ने ऐसे व्यापारी को निशाना बनाया जो दुकान से घर पैदल ही आते-जाते थे। बेवर की तरह ही यहां भी बदमाशों ने घर से चंद कदम पहले ही वारदात को अंजाम दिया। विदित रहे कि घर के पास जाकर व्यापारी हो या कोई अन्य आदमी वह थोड़ा लापरवाह हो जाता है। यही मौका उस पर वार करने का होता है। इसी रणनीति के तहत एक बार फिर घर से मात्र पचास कदम की दूरी पर ही बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। आसपास के लोगों की मानें तो वारदात के समय बदमाशों ने तमंचों के स्थान पर रिवाल्वर या फिर पिस्टल का प्रयोग किया। कारण फायरिंग के समय काफी कम आवाज हुई। जबकि तमंचे से हुए फायर में काफी तेज आवाज आती है। सराफा व्यापारी राजेश वर्मा की मौत के बाद उनके परिवारीजनों और अन्य व्यापारियों ने जिला अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर एसपी राजेश एस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे।
विज्ञापन

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें