मैनपुरी। जेल चौराहा के पास स्थित प्रधान डाकघर की तिजोरी तोड़ने की कोशिश की गई। इस दौरान छत पर लगे जाल को काटकर चोर अंदर घुसे थे। सोमवार की सुबह जानकारी होने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलने के बाद सीओ सिटी पुलिसबल के साथ जांच करने पहुंचे।
कोतवाली क्षेत्र में जेल चौराहा के समीप स्थित प्रधान डाकघर में प्रतिदिन लाखों रुपये जमा व निकासी की जाती है। जमा रुपये स्ट्रांग रूम की तिजोरी में रखे जाते हैं। जिन्हें बाद में एसबीआई बैंक शाखा में जमा करा दिया जाता है। रविवार रात को प्रधान डाकघर की छत के रास्ते चोरों ने पहले लोहे के जंगले को काटा।
इसके बाद रस्सी के सहारे कार्यालय के अंदर घुस गए। चोरों ने स्ट्रांग रूम में घुसने की कोशिश की। स्ट्रांग रूम की छत पर पड़ी लोहे की जाल को काट दिया। केबिन के अंदर दाखिल होने के बाद हथौड़ी से तिजोरी को तोड़ने की कोशिश भी की गई। मगर सफलता हाथ नहीं लगी।
इस दौरान चोरों ने वहां रखी अलमारी में रखा सामान बिखेर दिया। चोर छैनी हथौड़ी आदि भी वहीं छोड़ कर चले गए। सूचना मिलने के बाद पोस्ट मास्टर एमपी सिंह भी पहुंच गए। फोरेंसिक और डॉग स्क्वॉड के साथ सीओ सिटी जांच करने पहुंचे। काफी देर तक घटनास्थल का निरीक्षण किया गया।
पोस्टमास्टर ने बताया कि पूर्व में चोरी की घटना के बाद से ही तिजोरी में कैश नहीं रखा जाता। कैश को जल्द से जल्द एसबीआई की शाखा में जमा करा दिया जाता है। सीओ सिटी ने बताया कि जांच की जा रही है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
चोर सरकारी कार्यालयों को निशाना बना रहे हैं। पूर्व में कई बार बीएसए कार्यालय में चोरी हुई। वहां भी महत्वपूर्ण अभिलेख चोरी करने की बात सामने आई। हाल ही में ब्लाक जागीर में भी चोरी की कोशिश की गई। चोर सीपीयू और कंप्यूटर चुरा ले गए थे। वहीं प्रधान डाकघर में यह चोरी की पहली वारदात नहीं है। इससे पूर्व भी दो बार चोरी की कोशिश की जा चुकी है।
प्रधान डाकघर में चोरी की कोशिश की गई, मगर सफलता हाथ नहीं लगी। चोर जाते समय एक खराब पड़ा सीपीयू उठाकर ले गए हैं। सूत्रों की मानें तो सीपीयू खराब जरूर था। मगर उसमें विभाग का काफी डाटा भी था। कहीं चोरों का मकसद डाटा चुराना तो नहीं था।
प्रधान डाकघर में चोरी करने घुसे चोर कौन थे। इसका पता लगाने के लिए पुलिस जांच में जुटी है। वहीं प्रधान डाकघर की छत पर चोरों ने कुछ चित्र बनाए हैं। कई नाम और गांव के नाम भी लिखे हैं। जब पुलिस ने एक नाम के बारे में जानकारी की तो पता चला कि उस नाम का व्यक्ति गांव में रहता है। साफ है चोर निश्चित तौर पर चोरी के साथ साथ ही व्यक्तिगत दुश्मनी भी निकालना चाहता है।