सक्रिय हिस्ट्रीशीटरों को सजा दिलाने के लिए प्रदेश भर में शुरू किए गए अभियान के तहत जनपद में 124 अपराधी चिह्नित किए गए हैं। इनकी थानावार सूची बनाकर अभियोजन विभाग को सौंप दी गई है। इनके अलावा 12 ऐसे अपराधी हैं जिन्होंने पुलिस की नाक में दम कर रखा है, लेकिन अभी उनकी हिस्ट्रीशीट नहीं खुली है। इन पर कानूनी शिकंजा कसने के लिए अभियोजन ने तैयारी शुरू कर दी है।
पुलिस महानिदेशक डा. सूर्य कुमार ने पिछले दिनों आगरा से ही इस अभियान की शुरुआत की थी। इसके तहत प्रत्येक जिले में ऐसे सक्रिय अपराधी चिह्नित किए जा रहे हैं जिनके जुर्म की कुंडली बनी है। इसमें देखा जा रहा है कि उनके खिलाफ कोर्ट में कौन-कौन से मामले लंबित हैं। इन केसाें की पैरवी ठीक से करके उन्हें सजा दिलाने का प्रयास किया जाना है।
जो अपराधी फरार चल रहे हैं, उन्हें गिरफ्तार करना है। इसके लिए पुलिस को हिदायत दी गई है। इन मामलों में गवाहों को सुरक्षा देना भी दी जानी है। पैरवी तेजी से की जाएगी ताकि केस का फैसला जल्दी हो। अभियान की मॉनिटरिंग डीजी अभियोजन स्वयं करेंगे।
जालसाज शैलेंद्र अग्रवाल भी शामिल
आगरा। पुलिस ने जिन हिस्ट्रीशीटरों को चिह्नित किया है, उनमें सबसे चर्चित नाम एटा जेल में बंद आगरा के जालसाज शैलेंद्र अग्रवाल का है। उसके खिलाफ 45 केस हैं। गैंगस्टर एक्ट भी लगा है। कई केस में वह बरी हो चुका है। शेष में उसे सजा दिलाने के लिए लिस्ट में उसका नाम शामिल है।
सबसे ज्यादा सदर थाना के
आगरा। 124 में सबसे ज्यादा नाम सदर थाना क्षेत्र के हैं। इनमें बंटी यादव, सोनू पंडित शामिल हैं। अछनेरा से सिर्फ एक नाम है दशरथ उर्फ जस्सो। इनके अलावा रकाबगंज का शूटर रवि उर्फ टमाटर है। वह सराफ धन कुमार पर हमले का आरोपी है। अपराधियों में सबसे ज्यादा डकैती के आरोपी लिए गए हैं।
पुलिस ने 124 सक्रिय हिस्ट्रीशीटरों की सूची मुहैया कराई है। इनके अलावा 12 अन्य सक्रिय अपराधी हैं। इन्हें सजा दिलाने के लिए काम किया जाएगा
- राजेश सक्सेना ( संयुक्त निदेशक, अभियोजन )