कागारौल क्षेत्र के गांव दिगरौता में जूता कारीगर रमेश चंद्र ( 55) की रविवार की रात सोते समय हत्या कर दी गई। पुलिस को शक है कि घटना के पीछे रंजिश हो सकती है जबकि परिजनों ने किसी भी रंजिश से इंकार किया है। लूटपाट की नहीं गई है, अन्य कोई कारण फिलहाल लग नहीं लगा है। हत्यारों का कोई सुराग भी नहीं मिला है।
रमेश चंद घर केबाहर बने तिवारे में सो रहे थे। उनकी हत्या की जानकारी सोमवार सुबह हो पाई। परिवार के लोग जागे तो उनका लहूलुहान शव देखकर चीख पड़े। आस पास के लोग भी पहुंच गए।
हर कोई हैरान था कि यह वारदात क्यों और कैसे हो गई? न किसी ने हत्यारे को आते देखा और न ही जाते हुए। थोड़ी देर में पुलिस पहुंच गई। एसडीएम खेरागढ़ सुरेंद्र सिंह, सीओ नम्रता श्रीवास्तव, ग्राम प्रधान रमेश, ब्लॉक प्रमुख सीपी सिंह भी पहुंच गए। डॉग स्कवैड को भी बुलाया गया। वह घर के आस पास की चक्कर लगाता रहा। इससे हत्यारों का कोई सुराग नहीं मिला। काफी लोग जमा हो जाने केकारण खोजी कुत्ते के लिए हत्यारे की गंध लेना भी आसान नहीं होता है।
पुलिस ने रमेश चंद्र की पत्नी रामरति और अन्य परिजनों से बात की। उन्होंने किसी पर भी शक जाहिर नहीं किया। न ही किसी से कोई रंजिश होने की बात की। गांव वालों का भी यही कहना था कि रमेश का किसी से कोई झगड़ा नहीं था। उधर, एसओ संजुल पांडेय ने बताया कि जिस बेरहमी से हत्या की गई है। ऐसा रंजिश के कारण ही संभव है। पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है।