वृंदावन। परिक्रमा मार्ग वराह घाट स्थित वराह आद्य पीठ के महंत राम प्रवेशदास महाराज (दिगंबर अखाड़ा) सहित 12 संत बुधवार दोपहर को भोजन करने दौरान संदिग्ध हालातों बेहोश हो गए। जिस संत ने जहां भोजन किया था वह वहीं बेहोश मिला।
सभी को देर शाम रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में भर्ती कराया गया है। दिगंबर अखाड़ा के महंत सहित दो संतों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
आद्य वराह पीठ आश्रम के महंत और संतों ने दोपहर को भोजन करना शुरू किया। जो जो संत भोजन करता गया वह बेहोश होता गया। आश्रम के महंत राम प्रवेशदास महाराज भी बरामदे में बेहोश होकर गिर पड़े।
मलूकपीठ के बैद्यराम सेवकदास शाम को आश्रम पहुंचे तो गेट खुला हुआ था। उन्होंने अंदर देखा कि आश्रम के महंत सहित अन्य साधु जगह - जगह बेहोश पड़े हुए हैं। बैद्यराम सेवकदास ने मलूकपीठ में इसकी सूचना दी। यह सूचना पाते ही रसिया बाबा, रसराज महाराज सहित अनेक संत और स्थानीय लोग आश्रम की ओर दौड़ पड़े।
संत राम प्रवेशदास, ब्रह्मचारीदास, धर्मेशदास, खडे़श्वरदास, रामवीरदास, गंगादास, विनयदास, अंगददास आदि बेहोश पड़े संतों को राम कृष्ण मिशन सेवाश्रम पहुंचाया गया। अस्पताल में सभी को उल्टी और दस्त शुरू हो गए।
चिकित्सकों ने महंत राम प्रवेशदास, ब्रह्मचारीदास और धर्मेशदास को हालत गंभीर होने पर आईसीयू में भर्ती किया गया है। अस्पताल के स्वामी सुमंतदास ने बताया कि अस्पताल अपनी ओर से पूरी चिकित्सा व्यवस्था कर रहा है। तीन संतों की हालत अधिक गंभीर है।