मैनपुरी/दन्नाहार। दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव केशोपुर में मंगलवार को जानलेवा हमले के आरोपी को पकड़ने गई पुलिस के सामने ही आरोपी ने वादी पक्ष के युवक की गोली मारकर हत्या कर दी। इस दुस्साहस के बाद पुलिस के भी पसीने छूट गए। आनन-फानन में युवक को जिला अस्पताल लाया गया। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हत्यारोपी को घटनास्थल से ही गिरफ्तार कर लिया। वहीं, मृतक के परिजन और पुलिस के बीच जिला अस्पताल में जमकर नोकझोंक हुई।
थाना क्षेत्र के गांव केशोपुर निवासी विमलेश और रणवीर सिंह के बीच जमीन को लेकर रंजिश चल रही है। करीब एक माह पूर्व रणवीर ने विमलेश के भाई को गोली मारकर घायल कर दिया था। मामले में आरोपी और उसके साथियों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कराया गया था। मंगलवार को थाना पुलिस वादी के भाई विमलेश को साथ लेकर आरोपी के वारंट लेकर गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंची। पुलिस को सूचना मिली थी कि आरोपी घर पर ही है। पुलिस के साथ पीड़ित के भाई विमलेश को आया देखकर रणवीर ने आपा खो दिया। आरोप है कि उसने पुलिस की मौजूदगी की परवाह किए बगैर विमलेश के गोली मार दी। अचानक हुए इस घटनाक्रम से एकबारगी पुलिस भी सहम गई। पुलिस ने संभलने के साथ ही गोली मारकर भाग रहे रणवीर को गिरफ्तार कर लिया।
वहीं, पुलिस की एक टीम विमलेश को लेकर जिला अस्पताल की ओर दौड़ गई। जिला अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने विमलेश को मृत घोषित कर दिया। हादसे की जानकारी मिलने के बाद मृतक के परिजन व ग्रामीण जिला अस्पताल में जमा हो गए। आरोप लगाया कि पुलिस एक माह से खुलेआम घूम रहे आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर रही थी। अगर पुलिस कार्रवाई करती तो विमलेश की जान बच सकती थी। वहीं पुलिस की मौजूदगी के बीच वादी के भाई की हत्या से गांव सनसनी फैल गई है। दोनों पक्षों के बीच एक बार फिर से तनाव का माहौल बन गया है। उधर जिला अस्पताल में कोतवाली पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखने के लिए कब्जे में लेने की कोशिश की तो परिजन और पुलिस के बीच नोकझोंक हो गई।
दन्नाहार। गांव केशोपुर में जानलेवा हमले के आरोपी ने पुलिस मौजूदगी में ही वादी के भाई की गोली मारकर हत्या कर दी। पूरे घटनाक्रम के दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही। वहीं स्थानीय लोगों की मानें तो एक बार तो पुलिसकर्मी भी सहम गए। गांव केशोपुर में दिनदहाड़े पुलिस के सामने हुई इस घटना से साबित हो रहा है कि जिले में अपराधी बेखौफ हैं। उन्हें न तो पुलिस का भय है न हीं कार्रवाई का खौफ, तभी तो पुलिस के सामने ही वारदात को अंजाम देने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। मैनपुरी। गांव केशोपुर में वादी के भाई की गोली मारकर हत्या के बाद पुलिस शव को जब मोर्चरी में रखने लगी तो मृतक परिजन व ग्रामीण बिफर गए। स्ट्रेचर को पकड़ने के साथ ही काफी देर तक शव को मोर्चरी में न रखने को लेकर विवाद करने लगे। मृतक पक्ष के लोग कुछ भी सुनने को तैयार नहीं थे। काफी देर बाद पुलिस के समझाने पर परिजनों ने शव को मोर्चरी में रखने दिया। शव रखने के बाद पुलिस ने कागजी कार्रवाई शुरू की।