संजय प्लेस में चोरों ने इस साल की सबसे बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। कंप्यूटर मार्केट में क्रिएटिव कंप्यूटर्स के लॉक और शटर गैस कटर से काट दिए। इसके बाद सौ लैपटॉप चोरी करके ले गए। इनकी कीमत तकरीबन 30 लाख रुपये है। शनिवार को घटना की जानकारी से व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने बाजार बंद करके धरना प्रदर्शन किया। दो दिन में खुलासे की मांग की। तब तक बाजार बंदी का एलान किया है।
लता कुंज, कैलाशपुरी निवासी सचिन बंसल का संजय प्लेस के कंप्यूटर मार्केट में शोरूम है। शुक्रवार रात को चोरों ने शोरूम के शटर और लॉक गैस कटर से काट दिए। इसके बाद शोरूम के अंदर बने स्टोर रूम के दरवाजे को भी कब्जे सहित उखाड़ दिया। उसमें रखे विभिन्न कंपनी के तकरीबन 100 लैपटॉप चोरी कर ले गए। शोरूम में रखे छह हजार रुपये भी ले गए। सुबह तकरीबन साढ़े दस बजे मार्केट के दुकानदार प्रशांत जैन ने सचिन के शोरूम का शटर टूटा देखा।
सूचना पर बड़ी संख्या मेें व्यापारी इकट्ठा हो गए। उन्होंने हंगामा काटना शुरू कर दिया। व्यापारियों ने बाजार नहीं खोला। दोपहर दो बजे धरना प्रदर्शन किया। आगरा कंप्यूटर ट्रेडर्स एसोसिएशन का कहना है कि कंप्यूटर व्यापारियों की दुकानें चोरों के निशाने पर हैं। बाजार में कई बार चोरी की वारदात हो चुकी हैं। इसके बावजूद पुलिस उदासीन है। संजय प्लेस में पुलिस की गश्त भी रहती है। इसके बावजूद चोरी की वारदात हुई। एलान किया कि दो दिन में खुलासा किया जाए। तब तक बाजार बंदी की जाएगी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन दिया।
एमसीबी डाउन कर बंद किए सीसीटीवी कैमरा
चोरों ने रेकी करके वारदात को अंजाम दिया है। दुकानदारों के मुताबिक, रात तकरीबन दो से चार बजे के बीच वारदात हुई। चोरों ने सबसे पहले मार्केट की दुकानों के बाहर लगे बिजली मीटर की एमसीबी डाउन कर दी। इससे बिजली बंद होने के कारण सीसीटीवी कैमरे भी बंद हो गए। एक कैमरे में चोर एमसीबी बंद करते हुए दिख रहा है। आशंका जताई जा रही है कि चोर किसी वाहन को लेकर आए होंगे। तभी इतने लैपटॉप भरकर ले जाया जा सकता है। चोरों की संख्या भी अधिक रही होगी।
तीन महीने पहले ही खोला था शोरूम
सचिन बंसल ने तीन महीने पहले ही यह शोरूम खोला था। मार्केट के अगले हिस्से में स्टेट बैंक आफ पटियाला भी है। सचिन का एक शोरूम संजय प्लेस में ही है।
पांच साल में 18 चोरी की वारदात
संजय प्लेस का कंप्यूटर मार्केट चोरों के निशाने पर है, जबकि सुरक्षा के लिए 6-7 चौकीदारी भी हैं। इसके बावजूद चोर वारदात करने में सफल हो जाते हैं। पांच साल मेें चोरी की यह 18वीं वारदात है। इनमें से अधिकतर घटनाओं का पुलिस खुलासा नहीं कर सकी है।