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सोलह साल पहले अपहरण में आजीवन कारावास की सजा, पर तीन आरोपियों की मृत्यु के बाद आया फैसला

Wed, 19 Sep 2018 04:09 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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न्यायालय से न्याय जरूर मिला, लेकिन देरी का मलाल पीड़िता हो है। उसने न्याय पाने के लिए सोलह साल की लंबी लड़ाई लड़ी। इसके बाद न्यायालय से आरोपियों को सजा मिली। इन बीते सालों में तीन आरोपियों की मृत्यु हो गई। आगरा में अपर जिला जज भूपेंद्र शर्मा ने थाना फतेहाबाद से संबंधित बालक के अपहरण के 16 साल पुराने मामले में अभियुक्त इंदू सिंह उर्फ इंद्रराज व रक्षपाल निवासी सिंगावली, फतेहाबाद, रुमाली उर्फ रुमाल सिंह निवासी फिरोजाबाद, सोपा उर्फ सौप्रसाद निवासी फतेहाबाद को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। अन्य आरोपियों पप्पू, रामस्वरूप व मान सिंह की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई।

घटना 13 जून 2001 की है। पीड़िता नारंगी देवी ने तहरीर दी कि शाम को अभियुक्त पप्पू व इंदू सिंह, पीड़िता के गांव आए थे। दोनों शराब पिए हुए थे। उन्होंने पीड़िता के पड़ोसी मेवाराम से कहा कि तुम आज छत पर मत सोना, कोई घटना होगी। मेवाराम ने उन्हें ऐसा करने से मना किया। पीड़िता रोजाना की तरह अपने परिवार के साथ सोई हुई थी, उसका सात वर्षीय बेटा धर्मवीर भी उसके पास सो रहा था।

पीड़िता के पति छत पर सो रहे थे कि रात 11 बजे पांच बदमाश घर में घुस आए। वादिया के शोर मचाने पर पति औैर अन्य परिजन जागकर आए, लेकिन वह उसके बच्चे को जबरन खींचकर ले गए। विरोध करने पर एक बदमाश ने पीड़िता के पैर में गोली मार दी। पीड़िता ने इंदू और पप्पू को पहचान लिया।

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