कासगंज। जिले के पहले केंद्रीय विद्यालय का निर्माण जमीन के अभाव में अधर में लटका हुआ है। नौ माह बाद भी विभाग जमीन चिह्नित नहीं कर सका है। वहीं स्कूल खोलने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं बन सकी। पॉलीटेक्निक ने अपने भवन का उपयोग करने के लिए अनुमति नहीं दी, जिससे स्कूल नहीं खुल सका।
भारत सरकार के केंद्रीय विद्यालय संगठन शिक्षा मंत्रालय ने आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत प्रदेश में 10 केंद्रीय विद्यालय खोले जाने की घोषणा की थी। विद्यालय कक्षा 1 से 12 तक संचालित किया जाएगा। पहले चरण में कक्षा 1 से 5 तक कक्षाएं संचालित होगी। इसके बाद क्रमबद्ध तरीके से कक्षाओं का विस्तार हाेगा। स्कूल खोलने के लिए 10 एकड़ जमीन की आवश्यकता है, लेकिन जिले में विद्यालय खोलने के लिए जमीन नहीं मिल पा रही। जमीन मिलने एवं इसका निर्माण होने तक 0सोरोंजी के पॉलीटेक्टिनक भवन परिसर में कुछ कमरे लेकर स्कूल खोलने के लिए योजना बनाई गई। इसके लिए पॉलीटेक्निक से अनुमति मांगी गई, लेकिन यह अनुमति नहीं मिल सकी। जिससे जुलाई माह में स्कूल शुरू नहीं हो सका।
केंद्रीय विद्यालय खोलने के लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जैसे ही जमीन उपलब्ध होगी प्रस्ताव तैयार करके केंद्रीय विद्यालय संगठन को भेजा जाएगा। - पीके मौर्य, जिला विद्यालय निरीक्षक