आगरा में गुरुवार को कोरोना वायरस से संक्रमित 10 नए मरीज मिले। ये संख्या दिसंबर में सबसे कम रही। कुल संक्रमित मरीजों की संख्या अब 10,236 पहुंच गई है। जनपद में कोरोना संक्रमण से अब तक 170 मरीजों की मौत हुई है। सक्रिय मरीजों की कुल संख्या 162 रह गई है। वहीं जनपद में कोरोना से ठीक हुए मरीजों का आंकड़ा 9,904 पहुंच गया है। डीएम प्रभु एन सिंह के मुताबिक जनपद में अब तक 4,31,353 लोगों के सैम्पल लिए गए हैं। ठीक होने वाले लोगों की संख्या का प्रतिशत 96.76 फीसद है। आगरा प्रशासन की अपील है कि सरकार की गाइड लाइन का पालन करें। लोग मास्क लगाकर घर से निकलें साथ ही उचित शारीरिक दूरी का विशेष ध्यान रखें।
सबसे पहले चिकित्सा अधीक्षकों को लगाई जाएगी वैक्सीन
आगरा में इसी माह पहले चरण में करीब 19 हजार स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना वैक्सीन लगाई जानी है। विभाग इसके लिए तैयारियों में जुटा है। तय किया गया है कि सबसे पहले वैक्सीन चिकित्सा अधीक्षकों को लगाई जाएगी।
सरकारी व निजी अस्पतालों के 16,684 चिकित्सक, नर्स और कर्मचारियों की फीडिंग वैक्सीन लगवाने के लिए की गई थी। यह संख्या अब 18,900 हो गई है।
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इन्हीं को पहले चरण में वैक्सीन लगाने की तैयारी चल रही है। कोरोना वायरस की वैक्सीन लगाने के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल, लेडी लॉयल (महिला चिकित्सालय) और शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के स्वास्थ्य केंद्र सहित कुल 68 केंद्रों को चिह्नित किया गया गया है। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरसी पांडेय के मुताबिक पहले स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात चिकित्सा अधीक्षकों को वैक्सीन लगाई जानी है। इसके बाद बाकी कर्मियों लगाई जाएगी।
साइड इफेक्ट पर 85 चिकित्सक रखेंगे नजर, टीका लगने के आधे घंटे तक निगरानी की जाएगी
वैक्सीन लगने के बाद 30 मिनट तक साइड इफेक्ट पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए एडवर्स इंवेंट फालोइंग इम्यूनाइजेशन (एईएफआई) कमेटी गठित की गई है। इसमें 85 चिकित्सक हैं। वैक्सीन लगने के बाद कोई समस्या आती है तो चिकित्सक उसका भी इलाज करेंगे। तबीयत खराब होने पर एंबुलेंस से तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया जाएगा।